अपराध

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में सोनीपत से दबोचे गए 9 आरोपी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में सोनीपत से दबोचे गए 9 आरोपी

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के आवास और शूटिंग लोकेशन के आसपास हुई अचानक सनसनीखेज फायरिंग की घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और मुंबई पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब पुलिस को एक बहुत बड़ी और निर्णायक सफलता हाथ लगी है। हरियाणा के सोनीपत से पुलिस और स्पेशल सेल की संयुक्त टीम ने इस पूरे वारदात में शामिल 9 खतरनाक आरोपियों को एक साथ धर दबोचा है।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पकड़े गए इन सभी 9 आरोपियों के बीच एक बेहद अजीब और खौफनाक समानता पाई गई है। वहीं, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य रणनीतिकार और मास्टरमाइंड माना जाने वाला शातिर अपराधी 'अमर' भी आखिरकार कानून शिकंजे में आ चुका है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद इस केस में छिपी 'राधा' नाम की रहस्यमयी कड़ी का पर्दाफाश हो गया है।

सोनीपत से पकड़े गए 9 शूटरों का नेटवर्क और उनके बीच की एक खौफनाक कॉमन बात मुंबई पुलिस और हरियाणा एसटीएफ की टीमों ने लगातार कई दिनों तक तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के आधार पर सोनीपत के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी करके इन सभी 9 आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इन सभी 9 संदिग्धों के बीच जो सबसे बड़ी और कॉमन बात निकलकर सामने आई है, वह यह है कि ये सभी आरोपी एक ही बड़े अंतर्राज्यीय सिंडिकेट के सक्रिय शूटर हैं और इन सभी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

इतना ही नहीं, इन सभी आरोपियों को विदेश में बैठे गैंगस्टर आकाओं द्वारा एक ही एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे और इन सभी को टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस को अंजाम देने के लिए भारी-भरकम राशि देने का वादा किया गया था। इस संगठित गैंग के बैकग्राउंड ने यह साफ कर दिया है कि यह महज कोई आपसी रंजिश नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी सोची-समझी साजिश थी।

आखिरकार गिरफ्त में आया शातिर 'अमर', जानिए कौन है यह मुख्य साजिशकर्ता इस पूरी वारदात का ताना-बाना बुनने वाला और लॉजिस्टिक्स से लेकर हथियारों की डिलीवरी कराने वाला मुख्य आरोपी 'अमर' लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। पुलिस की स्पेशल टीम ने एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत अमर को हरियाणा और दिल्ली बॉर्डर के पास से घेराबंदी करके दबोच लिया।

जांच में पता चला है कि अमर कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह कई बड़े गैंगस्टरों के लिए हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में एक मजबूत ग्राउंड नेटवर्क का संचालन करता था। टाइगर श्रॉफ केस में शूटरों को अत्याधुनिक हथियार मुहैया कराने, उनकी ठहरने की व्यवस्था करने और वारदात के बाद भागने का सुरक्षित रूट तैयार करने की पूरी जिम्मेदारी अमर के कंधों पर ही थी।

अमर की गिरफ्तारी को पुलिस इस पूरे केस की सबसे बड़ी सफलता मान रही है। जांच में हुआ बड़ा खुलासा: आखिर क्या है अमर और रहस्यमयी 'राधा' का कनेक्शन?

अमर से जब कड़ाई से पूछताछ की गई और उसके डिजिटल डिवाइसों की गहन जांच की गई, तो इस केस में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया। लंबे समय से पुलिस के लिए पहेली बनी 'राधा' का कोडनेम आखिरकार बेनकाब हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 'राधा' कोई महिला नहीं, बल्कि हवाला और अवैध फंडिंग नेटवर्क को संभालने वाला एक वर्चुअल डिजिटल कोड था, जिसे अमर खुद चला रहा था।

इसी 'राधा' कोड के जरिए विदेश से शूटरों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे थे और हथियारों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। अमर अपने साथियों से बातचीत में लेन-देन का जिक्र करने के बजाय हमेशा 'राधा से पैसे मिल गए' या 'राधा का काम हो गया' जैसे कोडवर्ड्स का इस्तेमाल करता था ताकि सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दिया जा सके।

फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ा खौफ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए सख्त कदम टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में इतने बड़े सिंडिकेट का नाम सामने आने के बाद पूरी फिल्म इंडस्ट्री में भय और चिंता का माहौल देखा जा रहा है। मुंबई पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टाइगर श्रॉफ और उनके परिवार की सुरक्षा अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दी है।

इसके अलावा, बांद्रा और आसपास के इलाकों में रहने वाले अन्य प्रमुख फिल्मी सितारों के आवासों के बाहर भी पुलिस गश्त और मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की वारदातों के जरिए बॉलीवुड में दहशत फैलाकर अवैध वसूली और फिरौती के धंधे को चमकाने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस जांच की अगली दिशा और कोर्ट में होने वाली संभावित कानूनी प्रक्रिया सोनीपत से पकड़े गए सभी 9 आरोपियों और मास्टरमाइंड अमर को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान इन अपराधियों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि इस पूरे कांड के पीछे विदेश में बैठा कौन सा बड़ा गैंगस्टर शामिल है।

इसके अलावा, 'राधा' कोड के जरिए किए गए वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच भी शुरू कर दी गई है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े कई और बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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