राज्य

तकनीकी संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए 35.34 करोड़ रुपये जारीः राजेश धर्माणी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
तकनीकी संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए 35.34 करोड़ रुपये जारीः राजेश धर्माणी

सितंबर 29, शिमला (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश तकनीकी क्षेत्र में निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर है। यह बात तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मांणी ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत कर रही है और युवाओं को रोजगार प्रदात्ता के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और आईटीआई संस्थानों को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है ताकि प्रशिक्षुओं को नवाचार के नए अवसर प्रदान किए जाए। इस क्रम में राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के लिए 35.34 करोड़ रुपये जारी किए हैं। जिला कांगड़ा स्थित आईटीआई बैजनाथ के लिए 3 करोड़ रुपये, आदर्श आईटीआई संसारपुर-टैरेस के लिए 1.75 करोड़ रुपये, राजकीय फार्मेसी कांगड़ा में सरकारी आवास के लिए 2.29 करोड़ रुपये, राजकीय पॉलिटेक्निक कांगड़ा में अकादमी ब्लॉक-बी के लिए 3 करोड़ रुपये और नगरोटा बगवां बलधर में स्टेट ऑफ आर्ट आईटीआई भवन के लिए 3.50 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

सिरमौर जिला में आईटीआई सराहां के लिए 3.71 करोड़ रुपये, आईटीआई कफोटा के लिए 5.83 करोड़ रुपये और आईटीआई कौलावाला भूड़ के लिए 3.42 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। जिला कुल्लू स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक छात्रावास (बॉयज) के लिए 3.58 करोड़ रुपये, जिला ऊना स्थित आईटीआई भद्रकाली के लिए 3.26 करोड़ रुपये और जिला मण्डी में आईटीआई करसोग के भवन के लिए 2 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवा नेतृत्व आधारित विकास को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यवसायिक शिक्षा प्रदान कर उनका कौशल संवर्धन किया जा रहा है। युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के दृष्टिगत आधुनिक, शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का ज्ञान दिया जा रहा है।

नवाचारों के लिए एक मजबूत स्टार्ट-अप सिस्टम तैयार करने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सॉफ्ट स्किल को भी विकसित किया जा रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी के बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा बच्चों को एक्सपोजर विजिट करवाई जा रही है। प्रदेश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के युवाओं को कजाकिस्तान और जापान का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।