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तकनीकी शिक्षा मंत्री ने घुमारवीं अस्पताल में लिफ्ट, आधुनिक बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर मशीन और ओएसटी केंद्र का किया शुभारंभ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने घुमारवीं अस्पताल में लिफ्ट, आधुनिक बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर मशीन और ओएसटी केंद्र का किया शुभारंभ

कहा: घुमारवीं अस्पताल में 11 विशेषज्ञ चिकित्सक दे रहे सेवाएं, प्रतिदिन 600 से 900 मरीजों की ओपीडी,

घुमारवीं (बिलासपुर) 28 अक्तूबर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में लगभग 40 लाख रुपये की लागत से स्थापित लिफ्ट का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने 15 लाख रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन और ओपिओइड सब्सीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र का भी शुभारंभ किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि आधुनिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन से किडनी, लिवर, हृदय सहित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांच में सुविधा मिलेगी। आधुनिक प्रयोगशाला उपकरणों की उपलब्धता से प्रतिदिन लगभग 1,400 से 1,500 जांचें करने और मरीजों को समय पर रिपोर्ट उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। अस्पताल में थायराइड, विटामिन बी-12 और विटामिन डी-3 सहित विभिन्न जांच सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

इन जांचों की दरें कम रखी गई हैं तथा पात्र बीपीएल परिवारों को कुछ जांचें निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में लिफ्ट की सुविधा शुरू होने से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को विभिन्न मंजिलों तक पहुंचने में आसानी होगी। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित कर रही है, ताकि लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ अपने क्षेत्र में ही मिल सके। घुमारवीं के नागरिक चिकित्सालय में वर्तमान में 11 विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं तथा यहां प्रतिदिन औसतन 600 से 900 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर पूरी तरह कार्यशील है, जहां सर्जरी और स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन किए जा रहे हैं। आधुनिक रोबोटिक आई टेस्टिंग मशीन के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 300 मरीजों की आंखों की जांच की जा रही है।

रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के बाद अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा भी शुरू की गई है, जिसके तहत प्रतिदिन लगभग 50 से 60 मरीजों की जांच की जा रही है। अस्पताल में आधुनिक एक्स-रे मशीन, एम्बुलेंस और ब्लड स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध है। ब्लड स्टोरेज सुविधा के माध्यम से अब तक लगभग 300 यूनिट रक्त मरीजों को उपलब्ध करवाया जा चुका है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि घुमारवीं अस्पताल में आने वाले समय में डायलिसिस सुविधा शुरू करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत मिलेगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं घर के नजदीक उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में न जाना पड़े।

इस अवसर पर उन्होंने अस्पताल में ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावित युवाओं को उपचार और पुनर्वास से जोड़ना आवश्यक है। इस केंद्र में ओपिओइड पर निर्भरता से जूझ रहे व्यक्तियों को प्रशिक्षित चिकित्सकों की निगरानी में उपचार, परामर्श और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि केंद्र में दो युवाओं का उपचार भी शुरू कर दिया गया है। बिलासपुर जिले में ऐसे लगभग 150 युवा उपचार एवं सहायता की आवश्यकता वाले समूह में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए उपचार और पुनर्वास के साथ-साथ नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति पर अंकुश लगाना भी जरूरी है।

प्रदेश में नशा तस्करी के नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति जब्त करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने नशे की आपूर्ति श्रृंखला के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नशामुक्त हिमाचल के निर्माण के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और समाज को मिलकर कार्य करना होगा।

धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना पर विशेष ध्यान दे रही है। आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों, बीएमओ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिल रही है।

इस अवसर पर बीएमओ अनुपम शर्मा, एपीएमसी चेयरमैन सतपाल वर्धन पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल, सोमनाथ संख्यान, प्रधान पवन जमवाल सहित अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।