'तमीज में रहना चाहिए', कैलाश खेर का समय रैना-शेरोन वर्मा के कमेंट पर फूटा गुस्सा
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समय रैना और शेरोन वर्मा बीते दिनों 'इंडिया गॉट लेटेंट 2' में अपने बयानों की वजह से चर्चा में थे. दोनों कश्मीरी पंडित और बिहारी के कमेंट कर बुरा फंस गए थे.
ये विवाद काफी गहरा गया था, जिसके बाद राजनेताओं ने भी उनके इस जोक की निंदा की थी.
ऐसे में अब सिंगर कैलाश खेर ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि तमीज में रहना चाहिए और सबको पता होना चाहिए कि किसी को कैसे हंसाना है.
दरअसल, सिंगर कैलाश खेर ने हाल ही में समाचार एजेंसी एएनआई से बात की और इस दौरान उन्होंने समय रैना और शेरोन वर्मा के कश्मीरी पंडित और बिहारी जोक विवाद पर रिएक्शन दिया.
कैलाश खेर ने कहा, 'अगर मैं आपको म्यूजिक के टर्म्स बताऊं तो ये सिर्फ ट्यून नहीं है. ये ऐसा कुछ है जो आपको हंसाता है. ये अनुशासन का भी एक रूप है. आपको म्यूजिक सुनते रहना चाहिए.
अगर म्यूजिक ट्यून सही नहीं होगी तो आप किसी का भी मजाक उड़ा सकते हैं.'
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तमीज में रहना चाहिए...
कैलाश खेर आगे कहते हैं, 'तो इसलिए मनुष्य को चैतन्य में रहना चाहिए.
तमीज में रहना चाहिए और अपनी तमीज से सब बात करें तो सबको इतना तो पता ही है कैसे जीना है... कैसे हंसना है और कैसे हंसाना है....
कैसे किसी का दिल जीतना है?' सिंगर ने आगे अपनी लाइफ जर्नी का उदाहरण देते हुए कहा, 'मैंने अपने जीवन में हमेशा नरम रहने की कोशिश की.
कैलाश खेर कहते हैं, 'आलोचनाएं भी होंगी, नफरत करने वाले और जलने वाले भी होंगे. तब आपको एहसास होगा कि आप बहुत आगे आ गए हो.'
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📡 स्रोत: ABP Live Film
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर कश्मीर के पंडितों और बिहारी लोगों के प्रति समय रैना और शेरोन वर्मा के अपमानजनक टिप्पणी पर आधारित है, जिसे उन्होंने 'इंडिया गॉट लेटेंट 2' में किया था। इस पर राजनेताओं ने भी कड़ी निंदा की और विवाद बढ़ गया। इसके जवाब में गायक कैलाश खेर ने तमीज और सम्मान की बात करते हुए कहा कि हँसी-ठिठोली में भी सीमाएँ होनी चाहिए। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समाज में जातीय और धार्मिक संवेदनशीलता के मुद्दे को उजागर करता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग अपने शब्दों और हँसी-ठिठोली में अधिक
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
सभी को याद दिलाना चाहिए कि शब्दों की शक्ति अपार है। जब गुस्सा उभरता है, तो संयम और सहानुभूति का मार्ग अपनाना चाहिए। किसी भी विवाद को कानूनी या संवाद के माध्यम से सुलझाने से समाज में शांति बनी रहती है। हमें अपने विचारों को तमीज के साथ व्यक्त करना चाहिए, ताकि हम एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहिष्णुता दिखा सकें।