तमिलनाडु CM ‘जबड़े वाले इशारे’ को लेकर विवाद:DMK और सहयोगी CPM ने बॉडी-शेमिंग का आरोप लगाया, विजय बोले जानबूझकर नहीं किया
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
तमिलनाडु के सीएम विजय के विधानसभा में किए इशारे को लेकर विवाद हो गया है। DMK के सरकार को बाहर से समर्थन दे रही CPM ने विजय पर पूर्व CM एमके स्टालिन के साथ बॉडी-शेमिंग करने और 1975-77 के आपातकाल के दौरान हुई गिरफ्तारियों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया है। हालांकि विजय ने इस इशारे के लेकर स्प्ष्ट किया है कि उन्होंने जानबूझकर इशारा नहीं किया था।
विजय ने विधानसभा में अपनी सरकार की अनुदान मांगों पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए आपातकाल और MISA के तहत हुई गिरफ्तारियों का जिक्र किया था। उन्होंने एमके स्टालिन का नाम नहीं लिया, लेकिन यह कहते हुए अपने जबड़े के पास इशारा किया- ‘हर बात पर हमारे दोस्त कहते रहते हैं कि हमने MISA देखा है।
अगर वे हर बात में MISA ले आएं, तो हम क्या कर सकते हैं।’ विपक्ष ने इस इशारे को एमके स्टालिन के जबड़े से जोड़कर देखा। स्टालिन को आपातकाल के दौरान 1976 में गिरफ्तार किया गया था और आरोप है कि पुलिस हिरासत में उन पर हमला हुआ था, जिससे उनका जबड़ा टूट गया था।
DMK बोली- आपातकाल को भद्दे तरीके से पेश कर रहे सीएम DMK सांसद कनिमोझी ने भी विजय पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विजय भारतीय राजनीतिक इतिहास के सबसे अंधेरे दौर में से एक को हल्का करके पेश कर रहे हैं। कनिमोझी ने कहा, ‘वे MISA और आपातकाल को भद्दे तरीके से पेश कर रहे हैं। देशभर में इसका विरोध करने वाले बहुत से लोगों को जेल में डाल दिया गया था।
उन्होंने कितना कुछ सहा। उनके कई कम्युनिस्ट साथी भी जेल में बंद किए गए थे।’ उन्होंने विधानसभा में आलोचना पर विजय की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। कनिमोझी ने कहा, ‘जब विधानसभा में सवाल उठाए जाते हैं, तो उनका जवाब देना चाहिए। वे सत्ता में हैं, लेकिन वे यह समझ नहीं रहे। वे आरोप लगाना ही विधानसभा की गतिविधि समझकर दूसरों का मजाक उड़ाते हैं।
आज मुख्यमंत्री विजय का भाषण सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया।’ CPM नेता ने कहा- इतिहास जाने बिना आरोप न लगाएं तमिलनाडु CPM के प्रदेश सचिव शनमुगम ने भी विजय की आलोचना की। उनकी पार्टी विजय की TVK सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है। शनमुगम ने कहा, ‘आपातकाल के दौरान पुलिस की मारपीट में एमके स्टालिन का जबड़ा टूट गया था।
मुख्यमंत्री की ओर से किया गया बॉडी-शेमिंग गैर-जिम्मेदाराना है।’ उन्होंने TVK के मंत्रियों और नेताओं पर भी निशाना साधा।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में एक ‘जबड़े वाला इशारा’ किया, जिससे राजनैतिक विवाद छिड़ गया। DMK और उसके सहयोगी CPM ने इस इशारे को बॉडी-शेमिंग और 1975‑77 के आपातकाल के दौरान हुई गिरफ्तारियों का मजाक मानते हुए आलोचना की। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राज्य की राजनीतिक ध्रुवीकरण को दर्शाता है और चुनावी माहौल पर असर डाल सकता है। जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि राजनीतिक संवाद में संवेदनशीलता की कमी से मतदाताओं में असंतोष बढ़े और चुनावी भरोसे पर असर पड़े।