अपराध

तपस्वी हॉस्पिटल में साइबर क्राइम को लेकर छापेमारी, 5 युवक गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
तपस्वी हॉस्पिटल में साइबर क्राइम को लेकर छापेमारी, 5 युवक गिरफ्तार

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तपस्वी हॉस्पिटल में साइबर क्राइम को लेकर छापेमारी, 5 युवक गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम ने हॉस्पिटल में छापेमारी की और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पांचों युवकों को गिरफ्तार किया।

05 अक्टूबर , भागलपुर (भागलपुर, बिहार) : भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र के आदमपुर स्थित तपस्वी हॉस्पिटल में साइबर अपराध से जुड़े मामले को लेकर पुलिस ने छापेमारी कर पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल स्थित एक कमरे से कई मोबाइल फोन और साइबर अपराध से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं गिरफ्तार युवकों की पहचान कृष्णा कुमार सोनी, तेजस्वी कुमार, नरहरि प्रियदर्शी, सनत कुमार और प्रहलाद कुमार के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम ने हॉस्पिटल में छापेमारी की और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पांचों युवकों को गिरफ्तार किया।

वहीं गिरफ्तार युवकों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं गिरफ्तार युवकों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी डीएसपी सुधांशु का भांजा है और पुलिस उसे बचा रही है।युवकों का आरोप है कि पुलिस दबाव बनाकर उन्हें इस मामले में फंसा रही है उन्होंने दावा किया कि वे निर्दोष हैं और पुलिस द्वारा दबाव बनाकर उन्हें साइबर अपराध से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि डीएसपी सुधांशु के भांजे को मुख्य आरोपी होने और पुलिस द्वारा उसे बचाए जाने से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इस आरोप पर क्या जवाब दिया जाता है यह भी महत्वपूर्ण होगा।फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तार युवकों के आरोप आमने-सामने हैं बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की तकनीकी जांच तथा पुलिस की आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी

इस स्टोरी फोल्डर में :

बाइट - हेमंत सिंह, डीएसपी नगर, भागलपुर

Caption :पुलिस के अनुसार सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम ने हॉस्पिटल में छापेमारी की और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पांचों युवकों को गिरफ्तार किया।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

साइबर अपराध की गहराई में फँसने से पहले, हमें अपनी डिजिटल पहचान और डेटा सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए। यदि किसी को किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी या अनैतिक गतिविधि का सामना करना पड़े, तो तुरंत आधिकारिक चैनलों से सहायता लें। समाज में विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता दें, ताकि युवा अपने भविष्य को उज्ज्वल और कानूनसम्मत बना सकें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।