Tax Notice इग्नोर करना महिला को पड़ा भारी, जुड़ा 1.5 करोड़ का टैक्स
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
एक महिला को इनकम टैक्स के कई सारे नोटिस का जवाब ना देना, भारी पड़ गया है. जिसके चलते इनकम टैक्स विभाग ने अब महिला पर कार्रवाई की है.
विभाग ने नोटिस के जरिए महिला के बैंक खातों में जमा रकम और प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर सवाल पूछे थे, लेकिन उन्होंने कई नोटिस का जवाब नहीं दिया.
बाद में उन्होंने CIT(A) यानी आयकर आयुक्त (अपील) के सामने भी अपनी बात नहीं रखी.
जिसके बाद CIT(A) ने महिला की अपील खारिज करते हुए इनकम टैक्स अधिकारी की ओर से की गई करीब 1.55 करोड़ रुपये की टैक्स जोड़ को बरकरार रखा.
मामला दिल्ली के इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) पहुंचा.
अब ITAT ने CIT(A) का आदेश रद्द कर दिया और मामले की दोबारा सुनवाई करने को कहा है.
क्या है पूरा मामला? ये मामला असेसमेंट ईयर 2020-21 का है, जिसके लिए जसबिंदर कौर नाम की महिला ने 4 जनवरी 2021 को रिटर्न फाइल किया था और अपनी आय 10.41 लाख रुपये बताई थी.
बाद में इनकम टैक्स विभाग को उनके बैंक खातों में 21.90 लाख रुपये की नकद जमा और 74 लाख रुपये की प्रॉपर्टी खरीद की जानकारी मिली.
विभाग ने पूछा कि इतना पैसा कहां से आया, लेकिन महिला ने नोटिस का जवाब नहीं दिया.
जांच के दौरान बैंकों से मिली जानकारी में खातों में कुल 80.94 लाख रुपये की नकद जमा और अन्य क्रेडिट पाए गए. 34 लाख रुपये के लोन को छोड़कर बाकी रकम का स्रोत स्पष्ट नहीं किया गया.
इसके अलावा 74 लाख रुपये की प्रॉपर्टी खरीद को लेकर भी कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई. इस आधार पर करीब 1.55 करोड़ रुपये की टैक्स जोड़ की गई.
CIT(A) ने खारिज की अपील
महिला ने इस आदेश के खिलाफ CIT(A) के पास अपील की, लेकिन सुनवाई के लिए भेजे गए चार नोटिस का भी जवाब नहीं दिया.
इसके बाद CIT(A) ने उनकी अपील खारिज कर दी.
ITAT पहुंचा मामला जिसके बाद ये मामला ITAT पहुंचा, जहां महिला के वकील ने कहा कि प्रॉपर्टी के लिए होम लोन और रिश्तेदारों से मिली रकम का इस्तेमाल हुआ था.
स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण वो पहले की कार्यवाही में शामिल नह
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इस खबर का विषय है एक महिला पर इनकम टैक्स विभाग द्वारा 1.5 करोड़ रुपये के टैक्स के लिए कार्रवाई, क्योंकि उसने कई नोटिसों का जवाब नहीं दिया। यह घटना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि टैक्स नोटिसों को नजरअंदाज करने पर कितनी गंभीर कानूनी और आर्थिक दुष्प्रभाव हो सकते हैं। आम जनता के लिए यह चेतावनी है कि टैक्स नोटिसों पर तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है, अन्यथा बैंक खातों पर जब्ती, संपत्ति पर रोक और भारी दंड का सामना करना पड़ सकता है।