Tayal Group के बैंक फ्रॉड में ED की बड़ी कार्रवाई, 12 ठिकानों पर छापेमारी
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Tayal Group से जुड़े बैंक फ्रॉड और कथित तौर पर Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) की प्रक्रिया के दुरुपयोग के मामले में 12 ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है.
कार्रवाई दो अलग-अलग ECIR में दर्ज मामलों से जुड़ी है.
ED के मुताबिक, दोनों मामलों में कुल 820.86 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) की पहचान हुई है.
ED के अनुसार, पहला ECIR UCO Bank से जुड़े करीब 296.25 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड का है. इसमें M/s K. Lifestyle Industries Ltd. और अन्य पर आरोप हैं.
दूसरा ECIR Bank of India को लीड बैंक बनाकर गठित कंसोर्टियम से जुड़े 524.61 करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड से संबंधित है. इसमें M/s Actif Corporation Ltd., M/s Jaybharat Textiles Real Estate Ltd.
और अन्य कंपनियां शामिल हैं.
फर्जी घोषणाओं से बैंक फंड हासिल करने का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, समूह की कंपनियों ने उत्पादन क्षमता और मशीनरी को लेकर कथित तौर पर गलत घोषणाएं कीं.
स्टॉक स्टेटमेंट में हेरफेर और बैंक के पास गिरवी रखी मशीनरी को कथित रूप से अनधिकृत तरीके से बेचने जैसे आरोप भी जांच में सामने आए.
ED का कहना है कि बैंक से प्राप्त धन को प्रमोटर नियंत्रित शेल कंपनियों के जरिए अलग-अलग स्तरों पर घुमाया गया और रियल एस्टेट संपत्तियों में लगाया गया.
नागपुर का Empress Mall भी इसी जांच के दायरे में आया और ED ने जांच के दौरान इसे अटैच किया था.
Empress Mall अटैचमेंट के बाद शुरू हुई IBC प्रक्रिया
ED के अनुसार, 8 मई 2019 के Empress Mall अटैचमेंट आदेश के कुछ समय बाद M/s KSL Industries Ltd. के कॉरपोरेट गारंटर के खिलाफ IBC की धारा 7 के तहत CIRP शुरू कराया गया.
यह प्रक्रिया कथित वित्तीय लेनदारों की ओर से शुरू की गई, जिनके बारे में जांच में Tayal Group से करीबी संबंध होने का दावा किया गया है.
जांच में सामने आए नेटवर्क के मुताबिक, इन लेनदार कंपनियों के कम से कम आठ निदेशक
📡 स्रोत: ABP Live
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
बैंक फ्रॉड के दुष्परिणाम सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास की भी हानि हैं। जब अपराधी धन के लिए नियमों को मोड़ते हैं, तो सामान्य नागरिकों की बचत और भविष्य खतरे में पड़ता है। इस घटना से हमें याद दिलाता है कि वित्तीय पारदर्शिता और कानून के प्रति समर्पण ही समाज की स्थिरता की नींव हैं। हमें अपने संस्थानों पर भरोसा बनाए रखने के लिए सतर्क रहना चाहिए, और किसी भी अनियमितता पर तुरंत रिपोर्ट करके न्याय की सहायता करनी चाहिए।