तेजाब की रिटेल बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र-राज्यों से मांगी रिपोर्ट

बाजार में खुलेआम तेजाब की बिक्री और एसिड अटैक की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या तेजाब की खुदरा बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है.
कोर्ट ने कहा है कि अगर पूर्ण प्रतिबंध संभव नहीं है तो इसकी बिक्री को बेहद सख्त नियमों के दायरे में लाने पर विचार किया जाए. एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की याचिका पर सुनते हुए कोर्ट ने कहा कि तेजाब की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए 2013 में बनाए गए दिशा-निर्देश अब पुराने पड़ चुके हैं.
उनका जमीन पर सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूरे देश में तेजाब की खुदरा बिक्री को नियंत्रित करने के लिए एक मॉडल स्कीम तैयार करने पर विचार करने को कहा है. राज्य सरकारों से 6 सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को 6 सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. राज्यों को बताना होगा कि उनके यहां तेजाब की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए क्या नियम लागू हैं और एसिड अटैक पीड़ितों के इलाज, मुआवजे और पुनर्वास के लिए क्या व्यवस्था की गई है.
जिन राज्यों ने अब तक बिक्री को नियंत्रित करने के लिए नियम नहीं बनाए हैं, उन्हें आवश्यक नियम बनाने को कहा गया है.