तेलंगाना के RIMS अस्पताल में आग, 2 नवजातों की मौत:दो गंभीर, 27 बच्चे एडमिट थे, AC फटने की आशंका
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तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के सरकारी RIMS अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में सोमवार रात करीब 11:50 बजे आग लग गई। हादसे में दो नवजातों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य की हालत गंभीर है। अधिकारियों के मुताबिक, यूनिट में 27 नवजातों का इलाज चल रहा था। आग के बाद 25 बच्चों को अलग-अलग निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।
शुरुआती जानकारी में AC में खराबी के बाद विस्फोट की आशंका जताई गई है। हालांकि सही वजह जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी। हादसे की 3 तस्वीरें… 25 बच्चों को दूसरे अस्पतालों में भेजा गया अधिकारियों के मुताबिक, आग में एक 5 दिन के बच्चे की मौत हुई। दूसरे नवजात को आग के बाद निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
आग के बाद 25 बच्चों को इलाज के लिए अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से दो की हालत गंभीर है, जबकि बाकी बच्चों की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। CM ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा मुख्यमंत्री ए.
रेवंत रेड्डी ने नवजातों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने इलाज करा रहे बच्चों को बेहतर और एडवांस मेडिकल केयर देने और उनकी हालत पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही घटना की जांच के बाद रिपोर्ट सौंपने और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा। --------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र में सरकारी अस्पताल में आग, 3 बच्चों की मौत: 36 को बचाया; परिजन बोले- गार्ड-नर्स सबसे पहले पहुंचे महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल के NICU में आग लग गई।
तीसरी मंजिल पर स्थित इस चाइल्ड केयर यूनिट में उस समय 39 नवजात भर्ती थे। इनमें 3 नवजातों की मौत हो गई। 36 को बचाया गया। पूरी खबर पढ़ें…
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के सरकारी RIMS अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में आग लगने से दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर हालत में हैं। इस घटना में 27 नवजातों का इलाज चल रहा था, जिससे 25 बच्चों को अलग-अलग निजी अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा। यह विषय अस्पताल सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन की गंभीरता को उजागर करता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति सार्वजनिक विश्वास को प्रभावित कर सकती है। आम जनता पर इसका असर अस्पतालों की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठ