टेस्ट में सबसे ज्यादा गेंद खेलकर 'जीरो' पर आउट होने वाले बल्लेबाज, देखें पूरी लिस्ट
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टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज के लिए हर रन की अहमियत होती है, लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि खिलाड़ी काफी देर तक क्रीज पर रहने के बाद भी खाता नहीं खोल पाते. 2026 में निक मैडिनसन के 33 गेंदें खेलने के बाद भी खाता नहीं खोल पाने से ये रिकॉर्ड एक बार फिर चर्चा में है.
लेकिन, टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंदें खेलकर शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड अब भी ज्यॉफ एलॉट के नाम है.
न्यूजीलैंड के ज्यॉफ एलॉट के नाम ऐसा ही एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज है.
उन्होंने 1999 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 77 गेंदों का सामना किया था, लेकिन एक भी रन नहीं बना सके.
टेस्ट क्रिकेट में बिना खाता खोले सबसे ज्यादा गेंद खेलने के मामले में वो पहले नंबर पर हैं. वो 101 मिनट तक क्रीज पर टिके रहे, लेकिन रन बनाने में नाकाम रहे. आखिरकार वो बिना खाता खोले आउट हो गए.
उनकी ये पारी टेस्ट क्रिकेट के अनोखे रिकॉर्ड में शामिल हो गई.
जेम्स एंडरसन भी इस सूची में शामिल
इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं.
उन्होंने 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 55 गेंदों का सामना किया, लेकिन अपना खाता नहीं खोल सके. वहीं, रिचर्ड एलिसन ने 1984 में भारत के खिलाफ 52 गेंदें खेलीं.
पीटर सच ने 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 51 गेंदों का सामना किया था.
मिगेल कमिंस ने भी खेलीं 45 गेंदें
वेस्टइंडीज के मिगेल कमिंस ने 2019 में भारत के खिलाफ 45 गेंदें खेलीं, लेकिन वो भी बिना रन बनाए आउट हो गए. इस सूची में माइक व्हिटनी और शोएब अख्तर के नाम भी शामिल हैं.
दोनों ने टेस्ट क्रिकेट में 42-42 गेंदें खेलकर शून्य पर अपना विकेट गंवाया था.
निक मैडिनसन भी सूची में शामिल
आंकड़ों के मुताबिक, निक मैडिनसन ने 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 33 गेंदें खेलकर अपना खाता नहीं खोला.
इसके अलावा मंजुरुल इस्लाम, कीथ आर्थरटन, डैरिन मरे, इयान ओ'ब्रायन, ट्रेवर ग्रिपर, हीथ स्ट्रीक, ज्यॉफ अर्नोल्ड और अब्दुर रऊफ के नाम भी इस सूची में हैं.
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📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इस लेख में टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक गेंदें खेलकर शून्य पर आउट होने वाले बल्लेबाजों की सूची पर चर्चा की गई है। यह विषय उन दुर्लभ परंतु रोचक पलों को उजागर करता है जब खिलाड़ी लंबे समय तक क्रीज पर खड़े रहते हैं पर अंततः कोई रन नहीं बना पाते। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खेल के असामान्य आँकड़ों को सामने लाती है और दर्शाती है कि टेस्ट मैचों में धैर्य और सहनशीलता के बावजूद भी परिणाम अप्रत्याशित हो सकते हैं। आम जनता के लिए यह कहानी क्रिकेट के प्रति जिज्ञासा बढ़ाती है और दर्शकों को खेल के गहन पहलुओ