TET 2026: प्राइमरी शिक्षक की इस राज्य में कर रहे हैं नौकरी, तो इसे पास करना है जरूरी, वरना हो जाएगी दिक्कत
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West Bengal TET 2026: पश्चिम बंगाल में पहले से नौकरी (Sarkari Naukri) कर रहे प्राथमिक शिक्षकों के लिए Teacher Eligibility Test (TET) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है.
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को परीक्षा आयोजित करने की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उन आदेशों की पृष्ठभूमि में लिया गया है, जिनके तहत कुछ ऐसे शिक्षकों के लिए भी TET पास करना जरूरी किया गया है, जिनकी नियुक्ति RTE Act, 2009 लागू होने से पहले हुई थी.
राज्य सरकार ने इस संबंध में West Bengal Central School Service Commission (WBSSC) और West Bengal Board of Primary Education से परीक्षा की तैयारियों को लेकर जानकारी मांगी है.
इससे संकेत मिलता है कि लंबे समय से सेवा दे रहे योग्य शिक्षकों के लिए TET आयोजित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद क्यों जरूरी हुआ TET?
यह मामला State of Uttar Pradesh vs Anjuman Isha’at-e-Taleem Trust and Others से जुड़ा है.
सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 के फैसले में कहा था कि RTE कानून लागू होने से पहले नियुक्त कुछ शिक्षकों को निर्धारित शर्तों के तहत TET की योग्यता हासिल करनी होगी.
बाद में 29 मई 2026 को दिए गए समीक्षा आदेश में अदालत ने शिक्षकों को यह योग्यता पूरी करने के लिए मिलने वाली अवधि में बदलाव किया. पहले तय दो साल की अवधि को बढ़ाकर तीन साल कर दिया गया.
इसके मुताबिक पश्चिम बंगाल में संबंधित शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना होगा.
साल में दो बार आयोजित हो सकती है परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार राज्यों और संबंधित परीक्षा प्राधिकरणों को TET का आयोजन नियमित रूप से करना होगा.
परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने और दोनों परीक्षाओं के बीच लगभग छह महीने का अंतर रखने की बात कही गई है.
इस व्यवस्था का उद्देश्य नौकरी कर रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्य योग्यता पूरी करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है.
ऐसे में राज्य में होने वाली आगामी TET परीक्षा इन शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
करीब 90 हजार शिक्षक हो सकते हैं दायरे में राज्य शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले लगभग 90,000 शिक्षक इस योग्यता परीक्षा के दायरे में आ सकते हैं.
हालांकि, सभी शिक्षकों पर यह नियम समान रूप से लागू नहीं होगा.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल या उससे कम समय बचा है, उन्हें TET की अनिवार्यता से राहत दी गई है.
इसलिए संबंधित शिक्षकों को अपनी सेवा अवधि और पात्रता की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए. 31 अगस्त 2028 है अहम डेडलाइन पश्चिम बंगाल के शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 की तारीख महत्वपूर्ण है.
राज्य के नोटिफिकेशन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में आगे कोई विस्तार नहीं किया जाएगा.
फिलहाल शिक्षकों को परीक्षा की आधिकारिक तारीख और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी का इंतजार है.
जैसे ही WBSSC या प्राथमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से विस्तृत सूचना जारी होगी, उम्मीदवारों को उसमें दिए गए नियमों और निर्देशों के अनुसार आवेदन करना होगा.
📡 स्रोत: NewsData.io