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थार में फिर गूंजेगी गोडावण की आवाज, अक्टूबर में होगी जंगल वापसी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
थार में फिर गूंजेगी गोडावण की आवाज, अक्टूबर में होगी जंगल वापसी

जैसलमेर में कैप्टिव ब्रीडिंग के बाद 8 से 10 गोडावण को प्राकृतिक आवास में रिलीज करने की तैयारी है। 3 अक्टूबर को रामदेवरा और 4 अक्टूबर को सुदासरी में प्रस्तावित रिलीज से थार की घासभूमियों में गोडावण की वापसी का नया चरण शुरू होगा।

जैसलमेर, 26 सितंबर। थार के रेगिस्तान की घासभूमियों में राजस्थान के राज्य पक्षी गोडावण की मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में संरक्षण अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। जैसलमेर में कैप्टिव ब्रीडिंग सेंटर में पले-बढ़े गोडावण को अब प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ने की तैयारी है।

रीवाइल्डिंग टनल में प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पहले चरण में करीब 8 से 10 गोडावण को खुले प्राकृतिक क्षेत्र में रिलीज करने की योजना है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर को रामदेवरा और 4 अक्टूबर को डेजर्ट नेशनल पार्क के सुदासरी क्षेत्र में गोडावण को छोड़ा जाएगा।

कैप्टिव ब्रीडिंग से रीवाइल्डिंग तक

राजस्थान में गोडावण संरक्षण के लिए वर्ष 2018-19 से भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून और राजस्थान वन विभाग की ओर से संयुक्त रूप से प्रयास किए जा रहे हैं। जैसलमेर के सम से शुरू हुए प्रयासों के बाद रामदेवरा में आधुनिक ब्रीडिंग सेंटर विकसित किया गया।

मार्च 2023 में रामदेवरा केंद्र में पहला कैप्टिव-ब्रेड गोडावण चूजा पैदा हुआ। इसके बाद संरक्षण अभियान में रीवाइल्डिंग को अगले चरण के रूप में आगे बढ़ाया गया। वर्ष 2026 की शुरुआत में तैयार की गई रीवाइल्डिंग टनल में गोडावण को धीरे-धीरे प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप ढलने का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि खुले क्षेत्र में छोड़े जाने के बाद वे वातावरण में आसानी से अनुकूलित हो सकें।

घासभूमियां हैं गोडावण का प्राकृतिक आवास

थार को अक्सर रेत के टीलों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां मौजूद विस्तृत घासभूमियां गोडावण के प्राकृतिक आवास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। डेजर्ट नेशनल पार्क और आसपास का क्षेत्र गोडावण संरक्षण के लिहाज से अहम माना जाता है।

प्राकृतिक क्षेत्र में रिलीज के बाद गोडावण के सामने भोजन और पानी की तलाश, संभावित शिकारी जीवों से बचाव और मानवीय गतिविधियों से दूरी बनाए रखने जैसी चुनौतियां रहेंगी। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, कैप्टिव ब्रीडिंग के बाद पक्षियों को प्राकृतिक आवास में स्थापित करना संरक्षण अभियान का महत्वपूर्ण चरण है।

ब्रीडिंग सेंटर में करीब 98 गोडावण

डेजर्ट नेशनल पार्क के उप वन संरक्षक चंद्रपाल सिंह चौहान के अनुसार, ब्रीडिंग सेंटर में वर्तमान में करीब 98 गोडावण मौजूद हैं। संरक्षण और प्रजनन की प्रक्रिया लगातार जारी है। प्राकृतिक क्षेत्र में मौजूद गोडावण की सुरक्षा के लिए फील्ड स्टाफ की ओर से निगरानी और गश्त भी की जा रही है।

संरक्षण अभियान में स्थानीय समुदाय को भी जोड़ा जा रहा है। VFMC, EDC और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है, ताकि गोडावण के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सके।

गोडावण की प्राकृतिक क्षेत्र में वापसी केवल पक्षियों को खुले में छोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चल रहे संरक्षण अभियान का अगला चरण है। गोडावण की घासभूमि का संरक्षण थार के व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र से भी जुड़ा है। अब 3 अक्टूबर को रामदेवरा और 4 अक्टूबर को सुदासरी में प्रस्तावित रिलीज पर वन विभाग और संरक्षण टीमों की नजर रहेगी।

बाइट - 1 - चंद्रपाल सिंह चौहान,उप वन संरक्षक,डेजर्ट नेशनल पार्क - जैसलमेर

बाइट - 2 - मालसिंह जामड़ा,पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक

बाइट - 3 - डॉ. श्याम सुंदर मीणा, प्रोफेसर - जियोलॉजी व वन्यजीव प्रेमी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।