ठोस कचरा प्रबंधन के नए नियमों की पालना के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित
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जयपुर, 25 सितंबर। केंद्र सरकार की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अप्रैल से लागू किए गए नए नियमों को राजस्थान में प्रभावी रूप से लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नियमों की जिला स्तर तक पालना सुनिश्चित करने और निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता भुवनेश माथुर ने शुक्रवार को जयपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि नए नियमों में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। समिति के माध्यम से नियमों के क्रियान्वयन और निगरानी की व्यवस्था को जिला स्तर तक मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन करीब 900 टन ठोस कचरा उत्पन्न होता है। इसमें से लगभग 500 टन कचरा लैंडफिल साइट पर पहुंचता है। कचरे के अनुचित निस्तारण से वायु, जल और भूमि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने बताया कि नए नियमों में कचरे को घरों और संस्थानों से ही अलग-अलग करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत कचरे को चार श्रेणियों में अलग करके रखने और बाद में उनका पृथक संग्रह करने की व्यवस्था की जा रही है। इससे कचरे से उपयोगी सामग्री को अलग करने और उसके पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।