तिब्बत में फिर कांपी धरती, 5.0 तीव्रता के भूकंप से दहशत; नेपाल त्रासदी के एक हफ्ते बाद आया झटका
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के करीब एक सप्ताह बाद गुरुवार को तिब्बत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता 5.0 बताई जा रही है. अचानक धरती हिलने से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अभी तक भूकंप से किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है. 10 किलोमीटर की गहराई में था भूकंप का केंद्र जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेस (GFZ) के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, गुरुवार को तिब्बत में आए इस भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई.
भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया गया है. कम गहराई पर आने वाले भूकंपों के झटके कई बार आसपास के इलाकों में अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस किए जा सकते हैं.
भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के रिकॉर्ड में भी 27 अगस्त को तिब्बत क्षेत्र में 4.9 तीव्रता का एक भूकंपीय घटनाक्रम दर्ज किया गया था, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी. EQ of M: 5.0, On: 03/09/2026 13:46:38 IST, Lat: 31.479 N, Long: 80.370 E, Depth: 14 Km, Location: Tibet.
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हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने और बड़े पैमाने पर मलबे के बहाव से नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास कई इलाके प्रभावित हुए थे. इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग लापता हुए हैं. राहत और बचाव अभियान अभी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जारी है.
पिछले घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है क्षेत्र हालिया आपदा के दौरान दर्ज किए गए भूकंपीय संकेतों को लेकर वैज्ञानिकों ने भी महत्वपूर्ण जानकारी दी थी. GFZ के अनुसार, 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में दर्ज हुई मध्यम तीव्रता की भूकंपीय गतिविधि बड़े पैमाने पर ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से उत्पन्न हुई थी.
इस घटना ने हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर, भूस्खलन और भूकंपीय गतिविधियों के बीच संबंधों को लेकर वैज्ञानिकों का ध्यान आकर्षित किया है. फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं गुरुवार को आए 5.0 तीव्रता के भूकंप के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में तत्काल किसी बड़ी क्षति या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि, पहाड़ी और भूकंप-संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम स्तर के झटकों के बाद भी प्रशासन और राहत एजेंसियां सतर्क रहती हैं.
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भूकंप के बाद संभावित आफ्टरशॉक की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बनाए रखना जरूरी होता है. फिलहाल इस घटना से जुड़ी जानकारी प्रारंभिक है और आधिकारिक एजेंसियों की ओर से आने वाले अपडेट के साथ तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है.
लगातार अपडेट हो रही जानकारी तिब्बत में आए इस भूकंप को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने आ रही है. भूकंप का सटीक स्थान, संभावित नुकसान और आफ्टरशॉक से जुड़ी जानकारी में आगे बदलाव संभव है. ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक भूकंपीय एजेंसियों की सूचनाओं को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए.
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📡 स्रोत: NewsData.io