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टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी नई रफ्तार, 11 राज्यों के 55 जिलों में शुरू होगा JOSH अभियान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी नई रफ्तार, 11 राज्यों के 55 जिलों में शुरू होगा JOSH अभियान

8 अक्टूबर को नई दिल्ली से होगी शुरुआत, MP भी शामिल; अधिकारी, ‘माय भारत’ स्वयंसेवक और NCC कैडेट गांव-गांव पहुंचाएंगे जागरूकता

नई दिल्ली, अक्टूबर 08: टीबी मुक्त भारत अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में JOSH (Joint Sked for Health Teams) अभियान की शुरुआत करेगी। अभियान के पहले चरण में 11 राज्यों के 55 जिलों को शामिल किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश भी शामिल है।

JOSH अभियान के तहत क्लास-1 अधिकारी, ‘माय भारत’ स्वयंसेवक और NCC कैडेट मिलकर लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, समय पर जांच और इलाज का पूरा कोर्स करने के प्रति जागरूक करेंगे। अभियान का उद्देश्य टीबी से जुड़े भ्रम और सामाजिक कलंक को दूर करना भी है, ताकि लोग बिना झिझक जांच और उपचार के लिए आगे आएं।

अभियान के तहत ब्लॉक, वार्ड और गांव स्तर तक जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके जरिए टीबी की पहचान और समय पर उपचार को लेकर लोगों तक सीधी जानकारी पहुंचाने पर जोर रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान ‘खुशी अवतार’ AI चैटबॉट भी लॉन्च किया जाएगा। यह तकनीक आधारित पहल टीबी से जुड़ी जानकारी और जागरूकता को लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगी।

मध्यप्रदेश को भी इस अभियान में शामिल किए जाने से प्रदेश में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सरकार ने ‘JOSH’ नामक संयुक्त स्वास्थ्य टीम अभियान की शुरुआत की है। यह पहल 11 राज्यों के 55 जिलों में जमीनी स्तर पर टीबी रोकथाम और उपचार के लिए योजनाबद्ध गतिविधियाँ चलाएगी। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि टीबी भारत में अभी भी प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है और समय पर पहचान व उपचार से रोग की रोकथाम संभव है। इस अभियान से ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बढ़ेगी, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुधरेगी और टीबी के मामलों में कमी आएगी, जिससे आम जनता का स्वास्थ्य बेहतर होगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।