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टीकमगढ़ के ग्रे वाटर प्रबंधन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
टीकमगढ़ के ग्रे वाटर प्रबंधन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

आईएससी-फिक्की स्वच्छता पुरस्कार 2026 में ग्रे वाटर प्रबंधन श्रेणी में जिला बना विजेता

टीकमगढ़, सितंबर 28:l जिले में स्वच्छता और ग्रे वाटर प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। जिले की 324 ग्राम पंचायतों में से 225 पंचायतों में घरों से निकलने वाले गंदे पानी के व्यवस्थित निस्तारण के लिए अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जा रहा है।

नई दिल्ली में आयोजित आईएससी-फिक्की स्वच्छता पुरस्कार 2026 में टीकमगढ़ को ग्रे वाटर प्रबंधन श्रेणी में विजेता चुना गया। जिला प्रतिनिधियों ने समारोह में ढाई लाख रुपये की पुरस्कार राशि के साथ सम्मान प्राप्त किया।

इस व्यवस्था की शुरुआत चंद्रपुरा गांव से हुई थी, जिसके बाद इसे जिले के अन्य गांवों तक विस्तार दिया गया। घरों के बाहर सिल्ट चैंबर बनाए गए हैं। यहां से करीब आठ इंच व्यास की पाइपलाइन के जरिए गंदे पानी को भूमिगत रूप से गांव के अंतिम छोर तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद सोख्ता गड्ढों के माध्यम से पानी का निस्तारण किया जाता है।

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बाइट 02 — विमला, महिला ग्राम मरगुआ बाइट 03 — राजेश कुमार, ग्रामीण

बाइट 04 — मनीष जैन, जिला समन्वयक, जिला पंचायत, टीकमगढ़

बाइट06 – विशाल धाकड़, जिला पंचायत सीईओ, टीकमगढ़

बाइट07 – विवेक श्रोत्रिय, कलेक्टर, टीकमगढ़।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।