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टीकमगढ़ में ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला प्रतियोगिता, छात्रों ने चित्रों में दिखाई 2047 के विकसित भारत की कल्पना

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
टीकमगढ़ में ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला प्रतियोगिता, छात्रों ने चित्रों में दिखाई 2047 के विकसित भारत की कल्पना

टीकमगढ़ के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 में सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिले के विभिन्न स्कूलों से चयनित छात्र-छात्राओं ने ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपनी कल्पनाओं को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने 1947 से 2047 तक बदलते भारत, विकास और देश की प्रगति को अपनी कलाकृतियों में उकेरा।

केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों को भी विद्यार्थियों ने रचनात्मक अंदाज में चित्रों के जरिए दर्शाया। कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों का अवलोकन किया और उनसे संवाद कर उनके विचार जाने।

प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। चयनित विद्यार्थी अब संभाग स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।

बाइट - राखी यादव, विद्यार्थी बाइट - हिमांशी कुशवाहा, विद्यार्थी

बाइट -डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री

💡 पृष्ठभूमि (Background)

‘मेरे सपनों का भारत’ विषय, 1947 से 2047 तक के विकास को दर्शाता है, जिसमें छात्र अपनी कल्पना से भविष्य का भारत चित्रित करते हैं। यह प्रतियोगिता शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित की गई, जिससे विद्यार्थियों में देशभक्ति और रचनात्मकता जागृत होती है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह युवाओं के दृष्टिकोण को उजागर करती है और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत देती है। आम जनता पर इसका असर प्रेरणादायक हो सकता है, जिससे युवा वर्

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

कला के रंगों से भरे ये चित्र हमें याद दिलाते हैं कि समाज का विकास केवल भौतिक प्रगति पर नहीं, बल्कि सहानुभूति, समावेशिता और सामूहिक जिम्मेदारी पर निर्भर करता है। जब हम अपनी कल्पनाओं को साझा करते हैं, तो हमें यह भी सीखना चाहिए कि संघर्षों का समाधान संवाद, कानून और सहिष्णुता से हो। इस प्रतियोगिता से प्रेरित होकर, हम सभी को मिलकर ऐसे समाज का निर्माण करना चाहिए जहाँ हर आवाज़ को समान महत्व मिले।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।