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तीन जॉइंट कलेक्टर बने अपर कलेक्टर:पांच तहसीलदार-एसएलआर डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोट, एक जनवरी से पदोन्नत माने जाएंगे अधिकारी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
तीन जॉइंट कलेक्टर बने अपर कलेक्टर:पांच तहसीलदार-एसएलआर डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोट, एक जनवरी से पदोन्नत माने जाएंगे अधिकारी

प्रदेश में विभागीय जांच के कारण लंबे समय से अटके अधिकारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने अलग-अलग आदेश जारी कर तीन जॉइंट कलेक्टरों को अपर कलेक्टर और पांच तहसीलदार-एसएलआर को डिप्टी कलेक्टर के पद पर प्रमोट किया है। जांच में क्लीनचिट मिलने के बाद इन अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। इन सभी को एक जनवरी 2026 से पदोन्नत माना जाएगा, हालांकि वेतन और भत्तों का वास्तविक लाभ जुलाई 2026 से मिलेगा। इसके अलावा दो डिप्टी कलेक्टरों की परिवीक्षाधीन अवधि (प्रोबेशन पीरियड) भी नौ साल बाद समाप्त कर उन्हें नियमित डिप्टी कलेक्टर घोषित किया गया है। तीन जॉइंट कलेक्टरों को अपर कलेक्टर पद पर प्रमोशन जीएडी के आदेश के मुताबिक भोपाल में संयुक्त कलेक्टर के रूप में पदस्थ रहे और वर्तमान में शिवपुरी में पदस्थ जेपी गुप्ता को विभागीय जांच पूरी होने के बाद अपर कलेक्टर पद पर पदोन्नति दी गई है। उन्हें 1 जनवरी 2022 से 1 जनवरी 2024 तक काल्पनिक पदोन्नति का लाभ दिया गया है। इसी तरह मणिंद्र कुमार सिंह को 1 जनवरी 2024 से 1 जनवरी 2026 तक काल्पनिक वेतनमान देते हुए अपर कलेक्टर पद पर प्रमोट किया गया है। विभागीय जांच के कारण उनकी पदोन्नति लंबित थी। रिटायर्ड अधिकारी कौशल सिंह गौर को भी 1 जनवरी 2021 से सेवानिवृत्ति की तारीख 1 जनवरी 2024 तक काल्पनिक वेतनमान के साथ अपर कलेक्टर पद पर पदोन्नति दी गई है। नौ साल बाद खत्म हुआ डिप्टी कलेक्टर का प्रोबेशन बुरहानपुर में पदस्थापना के दौरान जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी के आरोपों से घिरी डिप्टी कलेक्टर विशा माधवानी का प्रोबेशन पीरियड करीब नौ साल बाद समाप्त किया गया है। उन्होंने 13 दिसंबर 2017 को सेवा जॉइन की थी और उनका प्रोबेशन 2019 में खत्म होना था। विभागीय प्रक्रिया में देरी और बाद में जांच के कारण मामला लंबित रहा। अब उन्हें नियमित डिप्टी कलेक्टर घोषित किया गया है। इसी तरह डिप्टी कलेक्टर राहुल सिलाड़िया का भी प्रोबेशन पीरियड समाप्त किया गया है। उनके सेवा जॉइन करने की तारीख से संबंधित आदेश में दर्ज विवरण के आधार पर उन्हें नियमित डिप्टी कलेक्टर घोषित किया गया है। पांच तहसीलदार-एसएलआर बने डिप्टी कलेक्टर जीएडी ने पांच एसएलआर और तहसीदार स्तर के अधिकारियों को डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोट करते हुए यथावत पदस्थ रखा है। इनमें वैद्यनाथ वासनिक, विवेक गुप्ता, नवनीत कुमार शर्मा, नरेश चंद्र गुप्ता और संजय कुमार जैन शामिल हैं। विभागीय जांच के कारण इनकी पदोन्नति भी लंबे समय से लंबित थी। तीन डिप्टी कलेक्टर बने जॉइंट कलेक्टर इसके अलावा विभागीय जांच पूरी होने के बाद तीन डिप्टी कलेक्टरों को जॉइंट कलेक्टर पद पर पदोन्नति दी गई है। इनमें राकेश सिंह मरकाम, संतोष कुमार तिवारी और रवीश कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं। इन अधिकारियों को क्रमशः 1 जनवरी 2018, 1 जनवरी 2019 और 1 जनवरी 2023 से काल्पनिक वेतनमान का लाभ दिया गया है। हालांकि वेतनमान का वास्तविक लाभ जीएडी के ताजा आदेश के बाद पदभार ग्रहण करने की तारीख से मिलेगा।

📡 स्रोत: NewsData.io

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