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तीन नोटिस के बाद संपत्ति जब्ती और भारी जुर्माना लगेगा:पैनल ऑपरेटरों को 100 से 200 करोड़ तक की टैक्स वसूली के लिए नोटिस

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
तीन नोटिस के बाद संपत्ति जब्ती और भारी जुर्माना लगेगा:पैनल ऑपरेटरों को 100 से 200 करोड़ तक की टैक्स वसूली के लिए नोटिस

महादेव एप से जुड़े 97 लोगों को 40,603 करोड़ से ज्यादा की वसूली के लिए नोटिस जारी होने के बाद बड़े कारोबारियों में भी खलबली मच गई है। दैनिक भास्कर ने जब इन नोटिसों की पड़ताल की तो पता चला कि छोटे पैनल चलाने वालों को भी 100 से 200 करोड़ की टैक्स वसूली के लिए नोटिस दिया गया है।

सेंट्रल जीएसटी के डीजीजीआई टीम का दावा है कि पैनल चलाने वालों ने 500 से 1000 करोड़ का कारोबार किया है। इस वजह से टैक्स की रकम भी ज्यादा हो रही है। विभाग ने महादेव एप का पूरा कारोबार 1 लाख 45 हजार करोड़ रुपए माना है।

डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) ने सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी (पिंटू), असीम दास, चंद्रभूषण वर्मा, नीतीश दीवान, अनिल कुमार, विकास छाबरिया, रोहित गुलाटी, विशाल आहुजा, धीरज आहुजा, अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, भीम सिंह यादव, हरिशंकर तिरबतवाल, सुरेंद्र बागड़ी, सूरज चोखानी समेत 97 लोगों को टैक्स अदा करने के लिए नोटिस जारी किया है।

पहली नोटिस का जवाब देने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। पहली नोटिस का जवाब नहीं देने पर एक महीने बाद दूसरी ओर फिर जवाब नहीं देने पर एक माह बाद तीसरी और अंतिम नोटिस जारी की जाएगी। जीएसटी एक्सपर्ट का कहना है कि किसी भी नोटिस का जवाब नहीं देने पर महादेव सट्टा एप से जुड़े लोगों के टैक्स में दोगुना पेनाल्टी जोड़ दी जोगी।

इसके बाद टैक्स की रकम बढ़कर 80 हजार करोड़ से भी ज्यादा हो जाएगी। इतना ही नहीं इस रकम पर हर साल 18 प्रतिशत की दर से ब्याज भी जुड़ता चला जाएगा। ऑनलाइन बेटिंग में 28% टैक्स लगता है जीएसटी में पंजीयन कराए और बिना टैक्स दिए किसी भी तरह के ऑनलाइन मनी गेमिंग/बेटिंग पर 28% जीएसटी लागू होता है।

अवैध तरीके से संचालन करने की वजह से इस पर ब्याज और पेनाल्टी की रकम भी जोड़ी जाती है। विभाग ने नोटिस देने के पहले ईडी, सीबीआई और एसीबी/ईओडब्ल्यू की चार्जशीट का गंभीरता से अध्ययन किया है। इसके बाद ही महादेव एप के कारोबार और पैनल चलाने वालों की रकम की गणना की गई है।

नोटिस भी उन्हें ही भेजा गया है जिनके नाम चार्जशीट में हैं।

भास्कर एक्सपर्ट - चेतन तारवानी, सीए और जीएसटी विशेषज्ञ डीजीजीआई फ्रीज करवा सकता है खाता एफआईआर व प्रॉपर्टी भी सीज हो सकती है डीजीजीआई की नोटिस का जवाब नहीं देने या टैक्स अदा नहीं करने पर विभाग महादेव सट्टा एप से जुड़े प्रमोटरों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर कर सकता है। कोर्ट के आदेश के बाद इन पर एफआईआर दर्ज होगी।

टैक्स वसूली नहीं होने पर डीजीजीआई इन सभी के बैंक खातों को फ्रीज करवा सकता है। इसके साथ ही देश-विदेश में प्रॉपर्टी की जानकारी जुटाकर उसे अटैच भी कर सकती है। टैक्स की रकम पर पेनाल्टी और ब्याज दोनों ही बढ़ता जाएगा।

दावा किया जा रहा है कि इसके पहले देश के किसी भी राज्य में इतनी बड़ी टैक्स रकम के लिए नोटिस जारी नहीं की गई है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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