तीन साइबर अपराधी 5 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड के साथ गिरफ्तार
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साइबर अपराध पर जामताड़ा पुलिस का शिकंजा, तीन साइबर अपराधी 5 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड के साथ गिरफ्तार, गैस कनेक्शन अपडेट करने और क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर लोगों को बनाते थे निशाना।
Short Headline: तीन साइबर अपराधी 5 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड के साथ गिरफ्तार
12 अक्टूबर, जामताड़ा: जामताड़ा पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को 5 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी गैस कनेक्शन अपडेट करने और क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया।
टीम ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के झिलुवा गांव स्थित जोरिया के बगल में श्मशान घाट के पास छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम छप्परटांड़ स्थित जोरिया के पास से एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
साइबर डीएसपी अमित रविदास ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नारायणपुर थाना क्षेत्र के झिलुवा गांव निवासी भीम मंडल (30), करमाटांड़ थाना क्षेत्र के विराजपुर निवासी मोजाहिद अंसारी (37) और नारायणपुर थाना क्षेत्र के पतरोडीह निवासी कुर्बान अंसारी (26) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार भीम मंडल के खिलाफ जामताड़ा साइबर अपराध थाना कांड संख्या 49/24 और नारायणपुर थाना कांड संख्या 62/15 में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। वहीं, मोजाहिद अंसारी के खिलाफ साइबर अपराध थाना कांड संख्या 58/19 तथा कुर्बान अंसारी के खिलाफ कांड संख्या 28/23 में आरोप पत्र दाखिल है।
इस मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 66/26 और 67/26 के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। छापेमारी दल में साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक अनिल अभिषेक और पुलिस निरीक्षक विकास कुमार तिवारी शामिल थे।
बाइट: अमित रविदास साइबर पुलिस उपाधीक्षक जामताड़ा
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
साइबर अपराध से बचाव का संदेश: जब किसी को धोखा दिया जाए तो तुरंत पुलिस या बैंक से संपर्क करें, फर्जी कॉल या संदेशों पर विश्वास न करें। अपने मोबाइल और सिम कार्ड की सुरक्षा के लिए पासवर्ड, दो-चरणीय सत्यापन और एंटीवायरस ऐप्स का उपयोग करें। समाज में जागरूकता फैलाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों में डिजिटल सुरक्षा पर कार्यशालाएँ आयोजित करें। इससे न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि अपराध के प्रति समाज की सहनशीलता भी घटेगी।