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टिप्स:लक्ष्य से पीछे रह जाने वालों से कैसे बात करें

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
टिप्स:लक्ष्य से पीछे रह जाने वालों से कैसे बात करें

अगर कोई कर्मचारी अपने तय किए गए लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पा रहा है, तो यह चिंता की बात हो सकती है। ऐसे में उससे बात करना और उसकी कमियों पर चर्चा करना बहुत जरूरी हो जाता है, लेकिन इस बातचीत को तनावपूर्ण बनाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आप इन पांच तरीकों को अपना सकते हैं... 1.

कुछ बताने से पहले सवाल पूछ सकते हैं बातचीत की शुरुआत कर्मचारी से यह पूछकर करें कि उसे अपना काम कैसा लग रहा है और वह अपने प्रदर्शन को किस तरह देखता है। इससे आपको पता चलेगा कि काम को लेकर उसकी सोच और आपकी अपेक्षाओं में कितना अंतर है। इसके आधार पर आप तय कर सकते हैं कि आगे किन बातों पर चर्चा करनी है। इस बातचीत में कर्मचारी को अपनी बात खुलकर रखने का मौका दें। 2.

जरूरी अपेक्षाएं स्पष्ट कर सकते हैं जब आप विनम्रता से यह स्पष्ट कर दें कि कर्मचारी के प्रदर्शन में सुधार की जरूरत है, तो उसे अपनी अपेक्षाएं साफ-साफ बताएं। उसे समझाएं कि कौन-से काम तय समय पर पूरे होने चाहिए और किन जिम्मेदारियों को पूरा करना अनिवार्य है। सुधार के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा तय करें, ताकि कर्मचारी को पता रहे कि उसे कब तक और किस स्तर तक बेहतर प्रदर्शन करना है। 3.

लक्ष्यों को कर्मचारी के काम से तय करें अगर कर्मचारी को यह समझ आए कि बेहतर प्रदर्शन करने से उसे अपने लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी, तो वह सुधार के लिए अधिक प्रेरित हो सकता है। आप पूछ सकते हैं कि वह इस बारे में क्या सोचता है। हो सकता है कि बातचीत के दौरान आपको पता चले कि किसी प्रोजेक्ट में आपकी अपेक्षा से ज्यादा काम शामिल है। ऐसी स्थिति में मिलकर अधिक व्यावहारिक और वास्तविक लक्ष्य तय करें। 4.

व्यवहार के स्पष्ट उदाहरण दे सकते हैं कर्मचारी की कमियों के बारे में बात करते समय आप कुछ ठोस उदाहरण दें। जैसे, आप यह कह सकते हैं, कि ‘मैंने देखा है कि आपने मेरे आधे ईमेल का जवाब नहीं दिया और पिछली दो समय-सीमाएं भी पूरी नहीं कीं। आपने इसकी जानकारी भी पहले से नहीं दी। ’ इस तरह की स्पष्ट बातचीत से कर्मचारी यह समझ पाएगा कि उसके व्यवहार में कहां कमी आ रही है और उससे क्या अपेक्षा की जा रही है। 5.

साथ मिलकर सुधार की योजना बनाएं बातचीत के अंत में कर्मचारी से पूछें कि वह अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाएगा। उसके सुझावों के आधार पर योजना में जरूरी बदलाव करें और सुधार के लिए समय-सीमा तय करें। यह तय करें कि प्रगति की जानकारी कैसे और कब साझा की जाएगी। कर्मचारी को यह स्पष्ट रूप से बताएं कि उसे तय परिणाम हासिल करने के लिए कितना समय मिलेगा, आगे क्या कदम उठाएंगे।

📡 स्रोत: NewsData.io

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