इतिहास

तीरंदाजी में अचूक निशाना, शानदार प्रदर्शन, अंकिता, कीर्ति और कुमकुम ने रचा इतिहास, भारत की झोली में डाला 'गोल्ड'

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
तीरंदाजी में अचूक निशाना, शानदार प्रदर्शन, अंकिता, कीर्ति और कुमकुम ने रचा इतिहास, भारत की झोली में डाला 'गोल्ड'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारत ने तीरंदाजी में महिला रिकर्व टीम ने 11वां गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर इतिहास रच दिया है। 75 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब भारत की महिला रिकर्व टीम ने एशियाई खेलों में कोई गोल्ड मेडल जीता है। भारत की कीर्ति शर्मा, कुमकुम और अंकिता ने इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड अपने नाम किया। भारत को यह गौरव दिलाने वाली तीनों बेटियां बेहद साधारण परिवारों से ताल्लुक रखती हैं। कुमकुम मोहोद कहां से आती है?

कुमकुम मोहोद की उम्र 17 साल है। वह महाराष्ट्र की रहने वाली हैं। तीरंदाजी के फाइनल में उन्होंने दुनिया के सामने बिना किसी घबराहट के बेहतरीन प्रदर्शन किया। वह ऐसी ही आर्चर हैं। उनका सारा ध्यान अपने धनुष और निशाने पर होता है। बीते कुछ सालों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर खुद को तीरंदाजों की सूची में शामिल किया। कब किया था इंटरनेशनल डेब्यू?

कुमकुम ने 2025 में इंटरनेशनल लेवल पर डेब्यू किया और तब से आर्चरी वर्ल्ड कप के स्टेज और कॉन्टिनेंटल इवेंट्स समेत कई बड़े इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। कुमकुम मोहोद के पिता क्या बोले?

कुमकुम के पिता अनील कहते हैं,"मिठाई के डिब्बे बनाने से ही घर चलता है और कुमकुम की आर्चरी भी। वह शंघाई में एक सेकंडहैंड बो से शूटिंग कर रही थी, जिसे वह पिछले पांच सालों से इस्तेमाल कर रही है। और जब उसने टीम गोल्ड जीता, तो मैंने जश्न मनाने के लिए मिठाइयां मंगवाने के लिए 'रघुवीर मिठाइयां' को फोन किया - जिनके लिए मैं कभी डिब्बे बनाता था। कुमकुम का जुनून आर्चरी रहा है और उसे वर्ल्ड स्टेज पर चमकते हुए देखने से बेहतर और क्या हो सकता है।" अंकिता और कीर्ति मूल रूप से कहां की रहने वाली है?

अंकिता भकत मूल रूप से कोलकाता, पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। इनका जन्म कोलकाता में हुआ था और इन्होंने अपने करियर की शुरुआत कोलकाता आर्चरी क्लब से की थी। कीर्ति शर्मा हरियाणा की रहने वाली हैं। इनका जन्म हरियाणा के जींद जिले के रितोली गांव में हुआ था। उनके पिता ब्रद्री विशाल हैं। कीर्ति ग्रैजुएट हैं उन्हें शुरुआत से ही तीरंदाजी का शौक था।

📡 स्रोत: NewsData.io

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