तिरंगे को बहने से बचाने नदी में उतरा युवक डूबा:चंदौली में गंगा के तेज धारा में फंसा, कड़ी मशक्कत के बाद दोस्तों ने निकाला शव
चंदौली में शनिवार की शाम करीब 5 बजे तिरंगे को गंगा की तेज धारा में बहने से बचाने के लिए नदी उतरे युवक की डूबकर मौत हो गई। युवक को डूबता देख उसके साथियों ने बचाने की कोशिश की। काफी मेहनत के बाद युवक को पानी से बाहर निकाला गया। युवक को उसके दोस्त अस्पताल लेकर जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
युवक एनडीआरएफ, एसएससी, यूपी पुलिस और यूपीएसआई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वह 16 अगस्त को घर लौटा था। उसके साथियों ने गंगा के रेतीले तट पर तिरंगा फहराया था। सोएब वहां रोजाना साथियों के साथ दौड़ और शारीरिक प्रशिक्षण करने जाता था। यह पूरा मामला जिला मुख्यालय से 35 किमी की दूरी पर बलुआ थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, बड़गांवा गांव निवासी जुबेर खान अपने पत्नी निगहत और चार बच्चों के साथ रहते हैं। वह 5 साल पहले भारतीय सेना से रिटायर हुए हैं। उनके भाई भी सेना में हैं। जुबेर के सबसे छोटे भाई क्राइम ब्रांच में हवलदार हैं। उनकी तैनाती जौनपुर में हैं। जुबेर का बड़ा बेटा आसिफ खान पुणे एयरपोर्ट पर टेक्नीशियन हैं।
उनकी दो बेटी हैं, जिनका नाम रेहनुमा और रौनक। रेहनुमा की शादी हो चुकी है। जबकि रौनक पढ़ाई कर रही है। जुबेर का 24 वर्षीय छोटा बेटा सोएब खान BA की पढ़ाई करने के बाद एनडीआरएफ, एसएससी, यूपी पुलिस और यूपीएसआई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। सोएब 15 अगस्त को अपनी बड़ी बहन को ससुराल से लाने प्रयागराज गया।
उसके साथियों ने गंगा के रेतीले तट पर तिरंगा फहराया था। सोएब उसी जगह पर रोजाना साथियों के साथ दौड़ और शारीरिक प्रशिक्षण करता था। सोएब 16 अगस्त की शाम को अपनी बहन को लेकर घर लौटा। उस रात तेज बारिश के कारण गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
सोएब ने 17 अगस्त को देखा कि जहां उसके साथियों ने झंड़ा फहराया था, वहां नदी का पानी पहुंच गया है। पानी के तेज बहाव में तिरंगा गिरकर बहने लगा। पानी के धारा में बहते तिरंगे को निकालने के लिए सोएब नदी में उतर गया। इसी दौरान वह तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे।
सोएब को डूबता देख उनके साथी रेहान खान और अन्य युवकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद उन्हें पानी से बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। सोएब के पिता, मां और बहनों को घटना की जानकारी मिलने के बाद कोहराम मच गया।
वहीं, मारूफपुर चौकी प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि 17 अगस्त को युवक तिरंगे को बहने से बचाने के प्रयास में गंगा की तेज धारा में चला गया था। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
📡 स्रोत: NewsData.io