तिरुवनंतपुरम में SFI और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प:एक-दूसरे पर पत्थर और मशालें फेंकी; CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर निकाला था मार्च
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तिरुवनंतपुरम में बुधवार शाम केरल विश्वविद्यालय के मेन्स हॉस्टल के पास यूथ कांग्रेस और SFI कार्यकर्ताओं के बीच करीब 3 घंटे तक झड़प हुई। इस दौरान दोनों तरफ से पत्थर और जलती मशालें फेंकी गईं। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कई बार आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर होने के लिए कहा।
झड़प कांग्रेस के उस मार्च के बाद शुरू हुई, जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी के कार्यालय तक निकाला गया था। जैसे ही मार्च हॉस्टल के सामने पहुंचा, प्रदर्शनकारियों पर हॉस्टल के अंदर से पथराव शुरू हो गया। इसके बाद यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जवाबी पथराव किया, जिससे दोनों पक्षों में टकराव काफी बढ़ गया।
घटना की तस्वीरें… पुलिस ने हॉस्टल में लाठीचार्ज किया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस हॉस्टल के अंदर गई और वहां मौजूद छात्रों पर लाठियां चलाईं। छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और पुलिसकर्मियों से हॉस्टल छोड़ने की मांग की। SFI के राज्य सचिव पीएस संजीव घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे।
उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। उस समय हॉस्टल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता, हॉस्टल के अंदर SFI कार्यकर्ता और दोनों समूहों के बीच पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस ने सड़क खाली कराने की कोशिश की। इस दौरान इलाके से एंबुलेंस भी गुजरती दिखाई दी। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… जादवपुर यूनिवर्सिटी में ABVP-लेफ्ट छात्रों में हिंसक झड़प:कई घायल; दोनों पक्षों ने हिंसा और बाहरी लोगों को लाने के आरोप लगाए कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच जनरल मीटिंग में हिंसक झड़प हो गई।
कई छात्र घायल हुए और कैंपस में तनाव फैल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले। पूरी खबर पढ़ें…
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
तिरुवनंतपुरम में SFI और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प का कारण मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आयोजित मार्च है। यह घटना विश्वविद्यालय के मेन्स हॉस्टल के पास हुई, जहाँ दोनों पक्षों ने पत्थर और मशालें फेंकी, जिससे पुलिस को आंसू गैस का उपयोग करना पड़ा। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते तनाव और युवाओं के बीच असहमति को दर्शाती है, जो सार्वजनिक व्यवस्था और शिक्षा संस्थानों की शांति को प्रभावित कर सकती है। आम जनता पर इसका असर सुरक्षा उपायों में