'...तो शरीयत के विरासत कानून से टकराव पैदा होगा', मौलाना ने धर्मांतरण को बताया आस्था और सोच का मामला

Maharashtra Sharia News: मौलाना मलिक ने कहा कि धर्म परिवर्तन पूरी तरह से व्यक्ति की निजी सोच और आस्था का मामला है. इसमें किसी भी तरह का जबरन दखल नहीं होना चाहिए. उन्होंने अंतरधार्मिक विवाहों को सीधे 'लव जिहाद' से जोड़ने का विरोध किया.
साथ ही उन्होंने कानून में बच्चों की धार्मिक पहचान और संपत्ति के उत्तराधिकार से जुड़े नियमों पर भी आपत्ति जताई.
📡 स्रोत: News18 Hindi