तोरई की खेती से दोगुना उत्पादन के लिए दोमट मिट्टी, जैविक खाद, मचान, संतुलित सिंचाई, तब मिलेगी बंपर पैदावार

मानसून के खेती के दौरान किसानों को बहुत सावधनी बरतनी पड़ती है. तोरई की खेती करने के लिए ऐसी दोमट मिट्टी बेहतर है, जिसमें पानी आसानी से निकल जाता हो. खेत में पानी जमा रहना पौधों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है. अतः बुवाई से पहले खेत को अच्छी तरह तैयार करें और जल निकासी की व्यवस्था तो जरूर करें.
मिट्टी में पर्याप्त जैविक खाद मिलाने से पौधों को पोषण के साथ बढ़वार भी दमदार होती हैं.
📡 स्रोत: News18 Hindi