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ट्रंप के 100 टैरिफ पर टूट पड़े भारत-चीन, हिला डाला अमेरिका!

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ट्रंप के 100 टैरिफ पर टूट पड़े भारत-चीन, हिला डाला अमेरिका!

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों के खिलाफ टैरिफ बम फोड़ने वाला संसद में बिल पास कराया तो गुस्से में आए भारत ने अमेरिका को तगड़ा जवाब देते हुए ऐसा अल्टीमेटम दिया कि जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। यही नहीं बल्कि भारत का तगड़ा जवाब आते ही चीन भी अमेरिका पर टूट पड़ा और तगड़ी चेतावनी देते हुए ट्रंप की हवा निकाल कर रख दी।

दरअसल पिछले कुछ समय से ट्रंप बार-बार टेररिफ वाली धमकी देकर भारत समेत कई देशों को दादागिरी दिखाने में लगे हुए हैं। लेकिन इस बार भारत की सहनशीलता ऐसा जवाब दे गई कि उसकी उम्मीद शायद ट्रंप को भी नहीं होगी। भारत ने अमेरिका और ट्रंप के लिए नई लक्ष्मण रेखा खींच दी है। इसे भी पढ़ें: मोदी ने इसलिए पूछा था-Is It Okay?

जिनपिंग की बीमारी का सच, भारत को बदनाम करने वालों को एक्सपोज करने वाला वीडियो आया सामने इस रेखा को पार करने का मतलब होगा भारत अमेरिका से दूरी बनाने में कोई भी संकोच नहीं करेगा। दरअसल अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में वो बिल पास हो गया है जिससे ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टेरिफ लगाने की शक्तियां मिल गई।

अमेरिकी संसद में इसके पक्ष में 262 और विरोध में 169 वोट पड़े। यहां गौर करने वाली बात तो यह है कि बड़ी संख्या में अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इस बिल का विरोध भी किया। इस बिल के पास होते ही अमेरिका के सीनेटर्स ने रूस से तेल खरीदने पर भारत और चीन को धमकाना शुरू कर दिया है।

अमेरिका की संसद में पास हुए बिल से ज्यादा भारत की सख्त प्रतिक्रिया दुनिया की सुर्खियों में बन गई है। भारत ने इस बिल पर अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। अमेरिका को अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि टेरिफ की वजह से भारत और अमेरिका गिश्तों पर बुरा असर पड़ सकता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जैसा कि पहले भी कई बार कहा गया है भारत अपने 140 करोड़ लोगों के लिए ऊर्जा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए अलग-अलग देशों से तेल और गैस खरीदना जारी रखेगा और बाजार में बदलाव के हिसाब से फैसले लेगा। भारत ने अमेरिका को यह भी बताया कि इन प्रतिबंधों का असर सिर्फ भारत अमेरिका संबंधों पर नहीं बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है और हम अपने व्यापार और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।

यानी कि भारत ने ट्रंप को बता दिया कि भले ही अमेरिका की संसद में रूस से तेल खरीदने वाले टॉप फाइव देशों पर 100% टेरिफ वाला बिल पास हो गया हो लेकिन इसका भारत पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है। भारत अपने ऊर्जा हितों को ध्यान में रखते हुए रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। साथ ही बता दिया कि धमकीबाजी अब चलने वाली नहीं है।

भारत भी तगड़ा जवाब देना जानता है। भारत ही नहीं बल्कि चीन ने भी ट्रंप को हिलाकर रख दिया है। दरअसल चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बीजिंग का किसी भी देश के साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग किसी तीसरे को टारगेट नहीं करता है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जिया कु ने कहा कि चीन का किसी भी देश के साथ ट्रेड रिलेशन तीसरे पक्ष के दबाव के बिना होना चाहिए।

📡 स्रोत: NewsData.io

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