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'ट्रंप ने बचाई हमारी जान', अभी भी ऑपरेशन सिंदूर की मार नहीं भूले शहबाज शरीफ; संयुक्त राष्ट्र में किया याद

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
'ट्रंप ने बचाई हमारी जान', अभी भी ऑपरेशन सिंदूर की मार नहीं भूले शहबाज शरीफ; संयुक्त राष्ट्र में किया याद

UNGA: भारत द्वारा मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की मार पाक पीएम शहबाज शरीफ आज तक नहीं भूले. यही वजह है कि उन्होंने अब वैश्विक मंच पर इसे याद किया.

दरअसल, पाक पीएम शहबाज शरीफ ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना संबोधन दिया.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत के साथ मई 2025 में हुए सैन्य टकराव का जिक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेत्र का जिक्र किया.

उन्होंने कहा कि उस समय ट्रंप के हस्तक्षेप ने दोनों परमाणु-सशस्त्र देशों के बीच तनाव को और बढ़ने से रोकने में मदद की.

पाक पीएम शरीफ के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चले सैन्य टकराव के दौरान हालात बेहद गंभीर हो गए थे.

उन्होंने कहा कि उस समय दोनों देश व्यापक संघर्ष की ओर बढ़ रहे थे और ऐसे में अमेरिकी हस्तक्षेप निर्णायक साबित हुआ.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दक्षिण एशिया को दोबारा ऐसी स्थिति में नहीं पहुंचना चाहिए, जहां सैन्य तनाव बड़े युद्ध का रूप ले सके.

ऑपरेशन सिंदूर और मई 2025 का संघर्ष पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहूबाज शरीफ ने मई 2025 के सैन्य संघर्ष का जिक्र पाकिस्तान पर भारत के हमले के रूप में पेश किया.

उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल किया.

उन्होंने पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर के नेतृत्व का भी जिक्र किया. शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने भारतीय कार्रवाई का जवाब पेशेवर तरीके से दिया.

वहीं भारत का रुख इससे अलग है.

बता दें कि नई दिल्ली लगातार कहता रहा है कि मई 2025 में सैन्य कार्रवाई के बाद संघर्षविराम दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क और बातचीत के जरिए हुआ था और इसमें किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं थी.

सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की चेतावनी इसके साथ ही पाक पीएम शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में सिंधु जल संधि का मुद्दा भी उठाया.

उन्होंने कहा कि सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके पानी को किसी भी तरह प्रभावित करने की कोशिश के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

पाक पीएम ने भारत द्वारा संधि को रोकने के फैसले को चुनौती देते हुए दावा किया कि ऐसा कदम कानूनी रूप से उचित नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई हालिया कार्यवाहियों और विशेषज्ञों की राय से पाकिस्तान के इस रुख को समर्थन मिला है कि संधि अभी भी प्रभावी है. खबर अभी अपडेट हो रही है...

📡 स्रोत: NewsData.io

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