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ट्रंप और किम जोंग उन की फिर हो सकती है मुलाकात, एशिया दौरे पर उत्तर कोरिया को लेकर बड़ा संकेत

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ट्रंप और किम जोंग उन की फिर हो सकती है मुलाकात, एशिया दौरे पर उत्तर कोरिया को लेकर बड़ा संकेत

Trump-Kim Jong Un Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के साथ संभावित मुलाकात को लेकर अहम संकेत दिया है.

ट्रंप ने कहा है कि नवंबर में एशिया की अपनी प्रस्तावित यात्रा के दौरान उनकी किम जोंग उन से मुलाकात हो सकती है.

इसके साथ ही उन्होंने इस संभावना को रोमांचक बताते हुए कहा है किउत्तर कोरियाई नेता के साथ उनके संबंध अच्छे रहे हैं.

मीडिया से बातचीत के दौरान जब अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप से किम जोंग उन के साथ बैठक की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है.

बता दें कि ट्रंप इससे पहले अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी किम जोंग उन से तीन बार मुलाकात कर चुके हैं.

ऐसे में दोनों नेताओं के बीच संभावित बातचीत को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

चीन दौरे के दौरान हो सकती है मुलाकात बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने यानी नवंबर में चीन के शेन्जेन शहर में होने वाली एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) नेताओं की बैठक में हिस्सा लेने जाएंगे.

यह बैठक 18 और 19 नवंबर को प्रस्तावित है. इसी यात्रा के दौरान किम जोंग उन के साथ मुलाकात होने की संभावना है.

हालांकि, ट्रंप के बयान से अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों नेताओं की बैठक को लेकर कोई औपचारिक कार्यक्रम तय हुआ है या नहीं.

अगर दोनों नेताओं के बीच मुलाकात होती है, तो इससे अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में अहम प्रगति माना जा सकता है.

दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास को कम करने का फैसला वहीं दूसरी ओर किम जोंग उन के साथ संभावित मुलाकात की चर्चा के बीच ट्रंप का दक्षिण कोरिया के साथ अमेरिकी सैन्य अभ्यास को कम करने का फैसला भी सुर्खियों में है.

दरअसल, अगस्त में ट्रंप ने संयुक्त सैन्य अभ्यास का दायरा घटाने के निर्देश दिए थे.

उन्होंने इसके पीछे बढ़ते खर्च और उत्तर कोरिया के साथ अपने बेहतर संबंधों का हवाला दिया था.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा था कि वह दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास में अमेरिका की भागीदारी को लेकर खुश नहीं थे.

उनके मुताबिक, इन अभ्यासों पर काफी पैसा खर्च होता है और इनसे उत्तर कोरिया को गलत संदेश जा सकता है.

उन्होंने यह भी कहा था कि किम जोंग उन के साथ उनके अच्छे संबंध हैं और उनके राष्ट्रपति रहने के दौरान उत्तर कोरिया ने अमेरिका के प्रति सम्मानजनक व्यवहार किया था.

ट्रंप के मुताबिक, अभ्यास रद्द करने में देर हो चुकी थी, इसलिए उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इन्हें काफी कम करने का निर्देश दिया.

घटाकर पांच दिन किया 11 दिनों का युद्धाभ्यास बता दें कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका हर साल उल्ची फ्रीडम शील्ड (UFS) नाम से संयुक्त सैन्य अभ्यास करते हैं.

इसका उद्देश्य कोरियाई प्रायद्वीप पर संभावित आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी करना है.

इसमें कमांड-पोस्ट सिमुलेशन के साथ मैदानी स्तर पर सैन्य गतिविधियां भी शामिल होती हैं.

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों ने अगस्त में मुख्य संयुक्त सैन्य अभ्यास को निर्धारित समय से करीब एक सप्ताह पहले समाप्त कर दिया था.

आमतौर पर लगभग 11 दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास की अवधि घटाकर पांच दिन कर दी गई.

📡 स्रोत: NewsData.io

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