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ट्राउट मछलियों के प्रजनन काल में नदी-नालों में मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ट्राउट मछलियों के प्रजनन काल में नदी-नालों में मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध

नवंबर 04, कुल्लू (हिमाचल प्रदेश): प्रदेश व् कुल्लू जिला में ट्राउट मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन एवं संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के ठंडे जल क्षेत्रों की नदियों और उनके सहायक नदी-नालों में मछली पकड़ने पर चार माह के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेगा व उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मत्स्य अधिनियम के तहत कार्यवाही की जायेगी।।

निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य विभाग ओम कांत ठाकुर ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इस अवधि में सरकारी ट्राउट फार्म तथा निजी फार्मों और रेसवेज से ट्राउट मछली की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। प्रतिबंध केवल ट्राउट जलाशयों, नदियों एवं नालों में खेल मछली पकड़ने (एंगलिंग) पर लागू होगा।

मत्स्य विभाग के अनुसार इस दौरान मछलियों को प्राकृतिक रूप से प्रजनन करने का अवसर देने से उनकी संख्या में वृद्धि होती है। जलीय संपदा और मत्स्य संसाधनों के दीर्घकालीन संरक्षण के लिए यह प्रतिबंध आवश्यक है। प्राकृतिक रूप से होने वाले प्रजनन से नदी-नालों में ट्राउट क़ी संख्या में अच्छी वृद्धि होती है क्योंकि इस दौरान नदी-नालों का पानी बिल्कुल स्वच्छ होता है व इन महीनों में ट्राउट मछली के लिये प्राक्रितिक रूप से होने वाले प्रजनन को वांछित तापमान मिलता है।

मत्स्य विभाग ने स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे प्रतिबंध की अवधि के दौरान विभाग का सहयोग करें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।