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तृतीय दिवस श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, पंडित ओमजी महाराज ने आत्मचिंतन और ध्यान का बताया महत्व

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
तृतीय दिवस श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, पंडित ओमजी महाराज ने आत्मचिंतन और ध्यान का बताया महत्व

भोपाल, 6 अक्टूबर। पितृपक्ष के पावन अवसर पर पुराना दानिश कुंज, डीके-1, पोस्ट ऑफिस के पास श्रीकंठ महादेव मंदिर, कोलार रोड भोपाल में चौधरी एवं दास फैमिली एवं समस्त भक्तगण द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तृतीय दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे। कथा व्यास पंडित ओमजी महाराज ने भगवान की भक्ति के साथ आत्मचिंतन और ध्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “जितना आप बाहर देख रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा आपके शरीर के अंदर है। बस आपको अपने भीतर ध्यान देने और आत्मचिंतन करने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा कि मनुष्य बाहरी संसार में सुख और शांति तलाशता रहता है, जबकि वास्तविक शांति उसके भीतर ही मौजूद है। नियमित ध्यान, भक्ति और आत्मचिंतन के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर की शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा को पहचान सकता है।

कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया। आयोजन में पितरों की शांति और मोक्ष के लिए कथा, तर्पण, हवन, पाठ-पूजन एवं ब्राह्मण भोज का आयोजन किया जा रहा है। पितृमोक्ष अमावस्या के अवसर पर देश के वीर शहीदों के लिए विशेष संकल्प, तर्पण, हवन एवं पाठ-पूजन भी किया जाएगा। कथा का आयोजन 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से किया जा रहा है।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।