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‘तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन’ तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
‘तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन’ तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

07 नवम्बर 2026, देहरादून: दून विश्वविद्यालय के डॉ. नित्यानन्द ऑडिटोरियम में 13 नवम्बर को ‘तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रवासी उत्तराखण्डियों की भूमिका एवं उपलब्धियों पर चर्चा होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सम्मेलन में प्रवासी उत्तराखण्डियों के साथ सार्थक संवाद की व्यवस्था की जाए। उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जाए और राज्य के विकास में उनके योगदान की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य में निवेश, स्वरोजगार, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत की प्रभावी झलक दिखाई देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य केवल प्रवासी उत्तराखण्डियों को एक मंच पर एकत्रित करना नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास के साथ उनका स्थायी और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करना भी है।

उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखण्डी देश और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और उपलब्धियों से प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे में यह सम्मेलन प्रवासी उत्तराखण्डियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ ही प्रदेश के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन की तैयारियों के बारे में है, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय के डॉ. नित्यानन्द ऑडिटोरियम में 13 नवम्बर को आयोजित किया जाना है। यह सम्मेलन प्रवासी उत्तराखण्डियों की भूमिका और उपलब्धियों पर चर्चा करेगा, जिससे उनके योगदान को मान्यता मिलेगी। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान और विकास में प्रवासी समुदाय का योगदान उजागर होता है, और राज्य सरकार की समावेशी नीति को दर्शाता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि न

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।