तुमको भी ठोंकेगे, अंसारुल्लाह ने अब सऊदी के यारों को खुल्ला धमकाया
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तुर्की और पाकिस्तान के हुक्मरानों कान खोल कर सुन तुम्हारा भी वही अंजाम होगा जो सऊदी के बादशाहों का हो रहा है। यमन की सना से जैसे ही यह आवाज उठी जनता का जोश हाई हो गया। यमन की राजधानी सना की सड़कों पर 7 अक्टूबर को हथियारों का वो भयानक सैलाब उमड़ा जिसने पूरे मिडिल ईस्ट से लेकर इस्लामाबाद और अंकारा तक सन्नाटा पसार दिया।
हजारों लाखों सशस्त्रूती लड़ाकों ने सना के चौराहे पर शक्ति प्रदर्शन करते हुए जन लामबंदी का कड़ा ऐलान कर दिया। वहीं हूती सुप्रीम लीडर अब्दुल मलिक अलहुती ने टीवी पर लाइव आकर सीधे पाकिस्तान और तुर्की को खुली चेतावनी जारी कर दी कि वे सऊदी अरब के इस खूनी खेल में मोहरा बनने की ऐतिहासिक भूल ना करें।
अल मसरा टीवी पर अपने बेहद आक्रामक भाषण में हूती ने दो टुक शब्दों में कहा कि सऊदी अरब के साथ पिछले सारे शांति वार्ता के रास्ते अब हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं। ना कूटनीति काम आई ना सीज फायर काम आया। सऊदी अरब ने यमन के एयरपोर्ट्स, आर्थिक संसाधनों और आयात निर्यात की नाकेबंदी करके यमनी आवाम का गला घोटा है।
पर अब पाकिस्तान और तुर्की के दम पर जंग को भड़का रहा है। अलहूति ने पाकिस्तान और तुर्की की जनता और वहां की उन आवाजों की तारीफ की जो इस जंग का विरोध कर रही हैं। लेकिन साथ ही कड़ी शब्दों में चेतावनी भी दी कि मक्का डिफेंस एग्रीमेंट के नाम पर अगर पाकिस्तानी और तुर्की सेनाएं सऊदी अरब के इशारे पर यमन के खिलाफ मैदान में उतरी तो उनका अंजाम भी वही होगा जो पिछले 8 सालों में सऊदी गठबंधन का हुआ है।
सड़कों पर उमड़े इस भारी बारूदी जमावड़े और हूतियों की इस ऑल आउट वार के ऐलान ने साफ कर दिया है कि बाब अल मंदेब से लेकर रियाद तक अब कोई शांति समझौता नहीं होने वाला। एक तरफ पाकिस्तान और तुर्की की सेनाएं मक्का पैक्ट के तहत तेजी से सऊदी अरब में अपनी तैनाती बढ़ा रही हैं। तो दूसरी तरफ यमन के पहाड़ों में अंसारुल्लाह ने अपनी मिसाइलों ड्रोंस की नोक सीधे इन तीनों देशों के गठबंधन की तरफ मोड़ दी।
यमन की धरती पर अब एक ऐसा भयंकर और खूनी महासंग्राम छिड़ चुका है जिसमें पाकिस्तान और तुर्की की एंट्री ने पूरे इलाके को तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। पर सवाल यह है कि जिस हिसाब से अलहूदी ने पाकिस्तान और सऊदी को चेतावनी दी है। GACA ने कहा कि इन हमलों में सऊदी के 3 नागरिकों की मौत हो गई (अल्लाह उन पर अपनी कृपा बनाए रखे) और सऊदी नागरिकों व अलग-अलग देशों के कई निवासी घायल हो गए; घायलों में मामूली चोट से लेकर गंभीर रूप से घायल लोग शामिल थे।
सभी घायलों को तुरंत सही इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हमलों से कुछ संपत्ति का नुकसान भी हुआ। " अथॉरिटी ने बताया कि हमलों के बाद तय नियमों और इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान के अनुसार इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों और संबंधित एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की। बयान में आगे कहा गया GACA संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर नुकसान का आकलन करने, सुविधाओं की सुरक्षा की जांच करने और यात्रियों व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किंगडम के सिविल एविएशन सिस्टम की सुरक्षा बनाए रखने के लिए ज़रूरी कदम उठाने का काम कर रहा है।
GACA ने यह भी पुष्टि की कि एयरपोर्ट का कामकाज फिर से शुरू हो गया है और हवाई यातायात सामान्य हो गया है। इस बीच, सऊदी एयरलाइंस ने पुष्टि की कि इस घटना में उसके एक कर्मचारी की मौत हो गई और उसने मृतक कर्मचारी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। एयरलाइंस ने शुक्रवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सऊदी एयरलाइंस पुष्टि करती है कि रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई घटना में उसके एक कर्मचारी की मौत हो गई।
एयरलाइंस उसके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है।
📡 स्रोत: NewsData.io
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इस खबर में तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं को सऊदी अरब के खिलाफ खुली धमकी दी गई है, जो यमन की सना से शुरू हुई घटनाओं के बाद सामने आई है। यह विषय मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनावों को दर्शाता है, जहाँ एक देश की सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय शक्तियों पर असर पड़ता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि कैसे एक क्षेत्रीय संघर्ष वैश्विक गठबंधनों को चुनौती देता है और पड़ोसी देशों को भी खतरे की चेतावनी देता है। आम जनता पर इसका असर बढ़ती अस्थिरता, आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षा चिंताओं के रूप में हो सकता