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टूटी सड़कें और रोजाना का जाम, मेरठ की जनता बेहाल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 12 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
टूटी सड़कें और रोजाना का जाम, मेरठ की जनता बेहाल

टूटी सड़कें और रोजाना का जाम, मेरठ की जनता बेहाल गड्ढों में तब्दील सड़कें बढ़ा रहीं हादसों का खतरा, प्रमुख चौराहों और बाजारों में घंटों फंसे रहते हैं वाहन साक्षी वर्मा शहर में टूटी सड़कें और लगातार लगने वाला जाम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ी बजरी और जलभराव के कारण सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है।

दूसरी ओर, प्रमुख चौराहों, बाजारों और व्यस्त मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लोगों का समय बर्बाद कर रही हैं। रोजाना हजारों लोगों को जाम से जूझते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। बारिश के बाद बढ़ जाती है परेशानी शहर के कई इलाकों में सड़कों की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है।

गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। दोपहिया वाहन चालकों के लिए ऐसे रास्तों से गुजरना विशेष रूप से जोखिम भरा है। गड्ढों से बचने के प्रयास में कई बार दुर्घटना की आशंका पैदा हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर सड़क मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है।

कुछ समय बाद ही सड़क दोबारा उखड़ने लगती है। इससे लोगों को बार-बार परेशानी झेलनी पड़ती है और सरकारी धन के उपयोग पर भी सवाल उठते हैं। जाम में फंसकर बर्बाद हो रहा समय टूटी सड़कों के साथ यातायात जाम भी शहर की प्रमुख समस्याओं में शामिल हो गया है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में प्रमुख चौराहों, बाजारों और मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी, व्यापारी और मरीज तक जाम में फंसने को मजबूर हैं। कई बार कम दूरी तय करने में भी सामान्य से दोगुना समय लग जाता है। लगातार रुक-रुककर चलने वाले यातायात से ईंधन की खपत बढ़ती है और वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषण भी बढ़ता है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होने की आशंका भी बनी रहती है।

स्थायी समाधान की दरकार मेरठ में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के बीच बेहतर सड़कें और सुचारु यातायात व्यवस्था समय की जरूरत बन चुकी हैं। शहरवासियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग सड़क मरम्मत की गुणवत्ता पर ध्यान देने के साथ गड्ढों को स्थायी रूप से भरने, जलभराव दूर करने और जाम वाले स्थानों पर यातायात प्रबंधन के प्रभावी इंतजाम करेंगे।

लोगों का कहना है कि नियमित निगरानी और ठोस कार्ययोजना से ही उन्हें रोजाना की इस परेशानी से राहत मिल सकती है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

मेरठ शहर में सड़कों के लगातार फटने और जाम के कारण नागरिकों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बड़ी कठिनाइयाँ हो रही हैं। यह विषय शहरी बुनियादी ढांचे की खराबी और सार्वजनिक सुरक्षा पर उसके प्रभाव को दर्शाता है। खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि खराब सड़कें न केवल यातायात दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं, बल्कि व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुँच को भी बाधित करती हैं। आम जनता पर इसका असर समय की बर्बादी, आर्थिक नुकसान, और स्वास्थ्य जोखिम के रूप में दिखाई देता है, जिससे रोज़मर्रा के आवागमन और जीवन स्तर पर न

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