त्योहार से पहले बिगड़ा रसोई का बजट 5 चीजें 2 महीने में 27% तक महंगी हुईं

भास्कर संवाददाता| रायसेन त्योहारों से ठीक पहले महंगाई ने रसोई का गणित बिगाड़ दिया है। बीते दो महीनों में रोजमर्रा की पांच जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम में औसतन करीब 27% तक तेजी आई है। सबसे ज्यादा असर प्याज, चीनी पर पड़ा है। प्याज 35-40 रुपए से बढ़कर 55-60 रुपए किलो हो गया है।
चीनी 45-48 रुपए से बढ़कर 60-65 रुपए किलो तक पहुंच गई है। अरहर दाल, उड़द दाल, सरसों तेल भी जून की तुलना में महंगे हुए हैं। शहर में बढ़े दाम का असर खरीदारी पर दिख रहा है। दो महीने पहले जिस बजट में परिवार महीनेभर की जरूरी सामग्री ले लेते थे, अब उसी सामान के लिए 25 से 30% ज्यादा राशि खर्च करनी पड़ रही है।
महंगाई का असर रोज के भोजन तक सीमित नहीं है। चीनी महंगी होने से घर में बनने वाले त्यौहार के पकवानों की लागत बढ़ी है। प्याज, तेल के दाम बढ़ने से सब्जी, तड़के का खर्च बढ़ गया है। पकौड़े-पकवान भी महंगे पड़ रहे हैं।
अरहर, उड़द दाल की तेजी से त्यौहारों के पारंपरिक व्यंजनों का बजट भी बढ़ गया है। (नोट : अलग-अलग दुकानों और ब्रांड के अनुसार खुदरा भाव में अंतर संभव है।
औसत भाव के आधार पर पांचों वस्तुओं में करीब 27% की संयुक्त तेजी सामने आती है।) 2 महीने में बढ़ोतरी करीब 34% करीब 53% करीब 18% करीब 17% करीब 14% वस्तु प्याज सबसे ज्यादा 53% महंगी इन पांच वस्तुओं में सबसे ज्यादा तेजी प्याज में दर्ज हुई है। जून में 35-40 रुपए किलो बिकने वाला प्याज अब 55-60 रुपए तक पहुंच गया है।
यानी कीमत में करीब 53% तक का उछाल आया है। इसके बाद चीनी में करीब 34% की तेजी है। दाल और तेल की कीमतों में भी 14 से 18% तक की बढ़ोतरी हुई है। एक साथ पांच जरूरी वस्तुओं के महंगे होने का असर परिवार के कुल बजट पर पड़ता है। खासकर त्योहारों के दौरान जब राशन के साथ मिठाई, पकवान और अन्य घरेलू खरीदारी भी बढ़ जाती है।
महंगाई के खिलाफ जिला कांग्रेस ने गुरुवार को रायसेन में ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया। भोपाल-सागर तिराहा स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय पर नुक्कड़ सभा और नुक्कड़ नाटक के जरिए महंगाई के मुद्दे उठाए गए।
कांग्रेस ने शक्कर की बढ़ती कीमतों के साथ महंगे पेट्रोल, मिलावट, बढ़े हुए बिजली बिल और रसोई गैस की कीमतों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन में बिजली बिल और गैस सिलेंडर का प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी दर्ज कराई गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की रसोई और घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, जिला कांग्रेस प्रवक्ता जावेद अहमद, हकीम उद्दीन मंसूरी आदि शामिल रहे। 5 सामान की तेजी को ऐसे समझें मान लें चार सदस्यीय परिवार में महीनेभर में 5 किलो चीनी, 5 किलो प्याज, 2 किलो अरहर दाल, 2 किलो उड़द दाल और 3 लीटर सरसों तेल की खपत होती है।
जून में इन पांच सामान पर करीब 922 रुपए खर्च होते थे। अब इसी मात्रा के लिए करीब 1,120 रुपए देने पड़ रहे हैं। यानी सिर्फ इन पांच चीजों पर ही महीने का खर्च करीब 200 रुपए बढ़ गया। परिवार की पूरी किराना सूची में आटा, चावल, मसाले, सब्जियां और दूसरी जरूरतें जोड़ें तो बढ़ा हुआ खर्च और बड़ा हो जाता है।
📡 स्रोत: NewsData.io