UCC के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भोपाल कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के संरक्षण की मांग

भोपाल जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में UCC वापस लेने की अपील; संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 का दिया हवाला
भोपाल, 25 अगस्त 2026। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर विरोध का सिलसिला राजधानी भोपाल में भी जारी है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जिला भोपाल की ओर से UCC के विरोध में जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार से इसे वापस लेने की मांग की गई।
ज्ञापन में संविधान में नागरिकों को प्राप्त धार्मिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। ज्ञापन जमीयत उलेमा-ए-हिंद मध्य प्रदेश के अध्यक्ष मौलाना अहमद खान और भोपाल जिला अध्यक्ष मुफ्ती मुजीबुद्दीन की अगुवाई में सौंपा गया।
इस दौरान जमीयत से जुड़े जिम्मेदारान, उलेमा, इमाम और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।




अनुच्छेद 25, 26 और 29 का हवाला
जमीयत की ओर से कहा गया कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने, धार्मिक संस्थाओं के संचालन तथा अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का अधिकार देता है। संगठन ने UCC को संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 में प्रदत्त धार्मिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के संदर्भ में चिंता का विषय बताया।
ज्ञापन में कहा गया कि भारत विभिन्न धर्मों, भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं वाला देश है। ऐसे में विवाह, निकाह, तलाक, विरासत और पारिवारिक मामलों से जुड़े व्यक्तिगत कानूनों में किसी भी बदलाव से पहले संबंधित समुदायों की चिंताओं और सुझावों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग
जमीयत ने सरकार से मांग की कि UCC से संबंधित किसी भी निर्णय में संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता का पूरा ध्यान रखा जाए। संगठन ने अपने ऐतराज और चिंताओं को सरकार के समक्ष रखते हुए UCC को वापस लेने की मांग दोहराई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी मांग और आपत्ति शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से सरकार तक पहुंचाने का अधिकार है। इसी उद्देश्य से ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
जमीयत के जिम्मेदारों ने लोगों से भी अपील की कि वे कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखें और अपने संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने उठाएं। भोपाल में सौंपे गए इस ज्ञापन के साथ UCC को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद की आपत्तियां एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं।
संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वह धार्मिक स्वतंत्रता एवं संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण को लेकर अपनी मांग लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे भी उठाता रहेगा।