UCC विधेयक के विरोध में मुस्लिम महिलाओं का बड़ा इजलास, हस्ताक्षर अभियान चलाकर दर्ज कराया विरोध

नूरुस्सबा गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी, धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत कानूनों के संरक्षण की मांग
खरगोन। समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक के विरोध में खरगोन के अंजुमन नगर स्थित नूरुस्सबा गार्डन में मुस्लिम महिलाओं का बड़ा इजलास आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जमात इस्लाहुल मुस्लिमीन, खरगोन; जमीयत उलमा-ए-हिंद, खरगोन; निमाड़ मुस्लिम जमात, खरगोन तथा जिला मुस्लिम कमेटी, खरगोन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इजलास में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं ने शामिल होकर UCC विधेयक को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने कहा कि प्रस्तावित कानून मुस्लिम समाज के धार्मिक एवं व्यक्तिगत कानूनों, संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े विषयों को प्रभावित करता है।
उनका कहना था कि जिन व्यक्तिगत कानूनों को संविधान एवं देश की विधिक व्यवस्था में संरक्षण प्राप्त है, उनमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हस्ताक्षर अभियान के जरिए दर्ज कराया विरोध
इजलास के दौरान मुस्लिम महिलाओं ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। इसके माध्यम से UCC विधेयक के विरोध में अपना समर्थन दर्ज कराया गया। महिलाओं ने मांग रखी कि मुस्लिम समुदाय से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए और उनकी आपत्तियों तथा संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए इस कानून को हटाया जाए।
महिलाओं ने कहा कि UCC का मुद्दा केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अनुसार यह धर्म की स्वतंत्रता, मौलिक अधिकारों और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़ा संवेदनशील संवैधानिक विषय है।
75 प्रतिशत समर्थन के दावे पर सवाल
इजलास में मुस्लिम महिलाओं ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से मुस्लिम महिलाओं के समर्थन को लेकर किए जा रहे दावों पर भी सवाल उठाए। महिलाओं ने कहा कि मुस्लिम समुदाय की 75 प्रतिशत महिलाओं द्वारा UCC विधेयक का समर्थन किए जाने संबंधी दावा भ्रामक है और उनके अनुसार यह वास्तविक जनभावना को प्रदर्शित नहीं करता।
महिलाओं का कहना था कि इजलास, हस्ताक्षर अभियान और सार्वजनिक विरोध जैसे कार्यक्रमों से यह सामने आता है कि बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं UCC विधेयक को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रही हैं।
कार्यक्रम में महिलाओं ने स्पष्ट किया कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेंगी।
ये महिलाएं रहीं मौजूद
इजलास में शबा खान, सोफिया, शमीम खान, नरगिस बी, अलीना बी, शबाना खान, नूर फातिमा शेख, नसरीन खान, हीना खान, सबनम, नरगिस खान और फातिमा जोहरा खान प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।