UCC विधेयक के विरोध में निमाड़ के मुस्लिम समाज का बड़ा इजलास, राष्ट्रपति के नाम सौंपा सामूहिक ज्ञापन

खरगोन। मध्यप्रदेश विधानसभा से पारित समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक के विरोध में खरगोन के अंजुमन नगर स्थित नूरुस्सबा गार्डन में निमाड़ रेंज के विभिन्न जिलों के मुस्लिम समाज के सदर, जिम्मेदारान और सम्मानित हज़रात का बड़ा इजलास आयोजित किया गया।
इजलास में UCC विधेयक को लेकर समाज की आपत्तियों, चिंताओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में खरगोन, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर और धार सहित निमाड़ क्षेत्र के विभिन्न जिलों से मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि, सदर, जिम्मेदारान और सम्मानित हज़रात बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इजलास में वक्ताओं और समाज के प्रतिनिधियों ने UCC विधेयक पर पुनर्विचार एवं आवश्यक संशोधन की मांग रखते हुए मुस्लिम समाज के धार्मिक और व्यक्तिगत कानूनों के संरक्षण पर जोर दिया।
प्रतिनिधियों का कहना था कि यदि UCC सभी नागरिकों के लिए समान कानून के उद्देश्य से बनाया गया है, तो अनुसूचित जनजाति (ST) सहित जिन समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है, उस स्थिति में समानता के सिद्धांत को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
समाज की ओर से प्रमुख मांग रखी गई कि जिस प्रकार कुछ समुदायों को उनके विशेष सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के मद्देनजर UCC के दायरे से बाहर रखा गया है, उसी प्रकार मुस्लिम समुदाय के धार्मिक एवं व्यक्तिगत कानूनों को भी इसके दायरे से बाहर रखा जाए।
प्रतिनिधियों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25, 26 एवं 29 में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता तथा सांस्कृतिक एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा की मांग की। उनका कहना था कि किसी भी कानून को लागू करने से पहले उससे प्रभावित होने वाले सभी समुदायों की आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुस्लिम समाज की ओर से रखी गई आपत्तियों और सुझावों को पर्याप्त महत्व दिए बिना UCC कानून लागू किया जाना चिंता का विषय है।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा सामूहिक ज्ञापन
इजलास के दौरान अनुविभागीय अधिकारी, खरगोन द्वारा महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम मुस्लिम समाज के सदर, जिम्मेदारान और प्रतिनिधियों से UCC के विरोध में सामूहिक ज्ञापन प्राप्त किया गया। मुस्लिम समाज ने स्पष्ट किया कि UCC के विरोध में चलाया जा रहा अभियान शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और पूर्णतः संवैधानिक तरीके से है।
समाज की ओर से कहा गया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आगे भी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से विरोध और जनजागरूकता कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे।
संयुक्त रूप से हुआ आयोजन
यह आयोजन जमात इस्लाहुल मुस्लिमीन, खरगोन; जमीयत उलमा-ए-हिंद, खरगोन; निमाड़ मुस्लिम जमात, खरगोन और जिला मुस्लिम कमेटी, खरगोन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में काकू भाई, हाफिज चांद खान, अल्ताफ आज़ाद, फारुख खान टाटा, अलीम शेख, जाकिर बावा बेकरी, फ़िरोज़ पठान, अब्दुल्ला सुरूर, मुफ्ती इस्माइल साहब, शहर काज़ी खंडवा सय्यद निसार अहमद, अब्दुल रहीम तिगाले बड़वानी, मुफ्ती तारिक साहब, मुफ्ती मुसब साहब, मौलाना याकूब सेंधवा, हबीब बेग मिर्ज़ा, मेराज अली, अयाज़ कादरी, अबूबकर भाई बैटरी, आरिफ भाई KGN, सलीम गुन्नौरी बुरहानपुर और शकील भाई सेबा सहित समाज के अन्य जिम्मेदार एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।