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उद्योगों की विद्युत संबंधी समस्याओं का होगा निदान:जबलपुर में पावर मैनेजमेंट कंपनी ने किया संवाद, टैरिफ में राहत-भूमिगत केबलिंग का उठा मुद्दा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उद्योगों की विद्युत संबंधी समस्याओं का होगा निदान:जबलपुर में पावर मैनेजमेंट कंपनी ने किया संवाद, टैरिफ में राहत-भूमिगत केबलिंग का उठा मुद्दा

वित्तीय वर्ष 2027-28 के वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) प्रस्ताव को दाखिल करने से पहले एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) ने उद्योग जगत से बिजली संबंधी समस्याओं और अपेक्षाओं पर चर्चा की। बुधवार को भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सम्मेलन आयोजित किया गया।

अध्यक्षता एमपीपीएमसीएल के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले ने की। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के करीब 25 प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें ऑल इंडिया स्टील मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ एमपी चैंबर ऑफ कॉमर्स, गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज देवास, मध्यप्रदेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन, रतलाम औद्योगिक एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज, एमपी स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज ऑर्गेनाइजेशन, लघु उद्योग भारती, महाकौशल उद्योग संघ और विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स, सतना सहित अन्य संगठन शामिल रहे।

डिमांड और एनर्जी चार्ज घटाने की मांग औद्योगिक प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने मौजूदा कंडक्टरों को कवर्ड कंडक्टर से बदलने, डिमांड और एनर्जी चार्ज कम करने, बिजली चोरी व एटीएंडसी (ATC) हानियां घटाने और न्यूनतम शुल्क समाप्त करने के सुझाव दिए।

एचटी श्रेणी में लोड फैक्टर आधारित ऊर्जा शुल्क व्यवस्था और kVAH आधारित बिलिंग को लेकर भी प्रतिनिधियों ने अपनी अपेक्षाएं रखीं। नए औद्योगिक पार्कों में अंडरग्राउंड केबलिंग पर जोर आगामी औद्योगिक पार्कों के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने और तकनीकी हानियां व बिजली व्यवधान कम करने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।

एमपीपीएमसीएल के मुख्य महाप्रबंधक, रेवेन्यू मैनेजमेंट, शैलेंद्र सक्सेना ने प्रस्तुतीकरण के जरिए उद्योगों से जुड़े टैरिफ और बिजली संबंधी विषयों की जानकारी दी। वहीं, एमपीआईडीसी के अधिकारियों ने उद्योगों के लिए उपलब्ध प्रोत्साहन, रियायतों और अन्य सुविधाओं के बारे में बताया। औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने ARR प्रस्ताव दाखिल करने से पहले उद्योग जगत के साथ सीधे संवाद की पहल की सराहना की।

एमपीपीएमसीएल के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले ने प्रतिनिधियों के सुझाव सुने और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यावहारिक समाधान की दिशा में काम करने पर जोर दिया।

📡 स्रोत: NewsData.io

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

उद्योगों की बिजली समस्याओं पर चर्चा से यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी चुनौतियों का सामना केवल शिकायतों से नहीं, बल्कि समाधान के लिए सक्रिय संवाद से किया जाना चाहिए। जब कंपनियाँ और सरकार मिलकर नयी नीतियाँ बनाती हैं, तो न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। इस अनुभव से हमें यह सिखने को मिलता है कि सहयोग और पारदर्शिता से ही समाज की समृद्धि और स्थिरता संभव है।

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