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उज्जैन - आयुर्वेद में नेतृत्व और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पर कार्यशाला आयोजित,शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय में 150 से अधिक शिक्षक, चिकित्सक और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा; शोध, प्रमाण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उज्जैन - आयुर्वेद में नेतृत्व और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पर कार्यशाला आयोजित,शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय में 150 से अधिक शिक्षक, चिकित्सक और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा; शोध, प्रमाण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर

आत्मन फाउंडेशन, लखनऊ द्वारा शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय के सहयोग से तथा श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड के समर्थन से आज “आयुर्वेद में नेतृत्व एवं साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन गत दिवस किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालय के लगभग 150 शिक्षक, चिकित्सक एवं छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

कार्यशाला का उद्देश्य आयुर्वेद के क्षेत्र में प्रभावी नेतृत्व विकसित करने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने तथा आयुर्वेदिक ज्ञान एवं आधुनिक शोध-साक्ष्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर संवाद एवं क्षमता निर्माण करना था। कार्यक्रम में श्री संजय कुमार मिश्रा, आईएएस, अपर सचिव, आयुष मंत्रालय, मध्य प्रदेश शासन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

उन्होंने अपने संबोधन में आयुर्वेद के विकास एवं विस्तार के लिए मजबूत, संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा के साथ-साथ शोध, प्रमाण, नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर आत्मन फाउंडेशन के संस्थापक श्री शशांक श्रीवास्तव ने आयुर्वेद में नेतृत्व विकास एवं क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए आवश्यक है कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक प्रमाणों, शोध और प्रभावी नेतृत्व के साथ जोड़ा जाए। कार्यशाला में श्री ओ. पी. व्यास, प्राचार्य एवं सीईओ, शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय, उज्जैन की महत्वपूर्ण उपस्थिति एवं मार्गदर्शन रहा।

उन्होंने इस प्रकार के ज्ञानवर्धक एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। डॉ. साक्षी शर्मा, रिसर्च ऑफिसर, सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (CRIA), नई दिल्ली ने साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद पर विशेष सत्र लिया।

उन्होंने शोध, वैज्ञानिक प्रमाणों, डेटा एवं अनुसंधान निष्कर्षों के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि किस प्रकार प्रमाण-आधारित दृष्टिकोण को आयुर्वेदिक चिकित्सा, शिक्षा एवं अनुसंधान में प्रभावी रूप से शामिल किया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने नेतृत्व, टीम निर्माण, निर्णय क्षमता, शोध एवं प्रमाण-आधारित चिकित्सा पद्धतियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।

सत्रों ने प्रतिभागियों को आयुर्वेद की वर्तमान और भविष्य की भूमिका पर नए दृष्टिकोण से विचार करने का अवसर प्रदान किया। इस अवसर पर श्री शशांक श्रीवास्तव ने कहा“आयुर्वेद का भविष्य ऐसे नेतृत्व पर निर्भर करेगा जो हमारी समृद्ध पारंपरिक ज्ञान परंपरा को वैज्ञानिक सोच, शोध, प्रमाण और उत्कृष्टता के साथ जोड़ सके।

आत्मन फाउंडेशन का प्रयास है कि ऐसे क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से आयुर्वेद के शिक्षकों, चिकित्सकों और भावी चिकित्सकों को सशक्त बनाया जाए और एक मजबूत आयुर्वेदिक इकोसिस्टम के निर्माण में योगदान दिया जा सके।” कार्यशाला का समापन आयुर्वेद में नेतृत्व, निरंतर सीखने, अनुसंधान एवं साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ।आत्मन फाउंडेशन के बारे मेंआत्मन फाउंडेशन, लखनऊ, नेतृत्व विकास, क्षमता निर्माण, शिक्षा एवं साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से व्यक्तियों, संस्थानों और सार्वजनिक प्रणालियों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्यरत है।

फाउंडेशन का उद्देश्य ज्ञान, नेतृत्व और संस्थागत क्षमता के माध्यम से स्थायी एवं सार्थक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करना है।आयुर्वेद शिक्षक संघ ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।।कार्यक्रम का संचालन डॉ रामतीर्थ शर्मा ने किया।जानकारी मीडिया प्रभारी डॉक्टर प्रकाश जोशी ने दी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।