अपराध

उज्जैन- केन्द्रीय जेल उज्जैन में बंदियों ने किया अपने पितरों का श्राद्ध-तर्पण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 12 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उज्जैन- केन्द्रीय जेल उज्जैन में बंदियों ने किया अपने पितरों का श्राद्ध-तर्पण

केन्द्रीय जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू द्वारा बताया गया कि जेल मुख्यालय मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में केन्द्रीय जेल उज्जैन में बंदियों हेतु आध्यात्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम वार्षिक कैलेंडर वर्ष 2026-27 के अनुसार षष्ठम चरण में 01 से 10 अक्‍टूबर तक दस दिवसीय अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार की शाखा उज्जैन द्वारा आत्म/व्यक्तित्व परिष्कार शिविर का आयोजन किया गया।

गायत्री शक्तिपीठ उज्जैन से उपस्थित रामप्रसाद सरिया, विनय गुप्ता, मनोहर बिलावल, प्रभाकर सोनेनो, संजीव पांचाल, सुशील कुमार शर्मा द्वारा 55 पुरुष बंदियों को वेद, ज्ञान, यज्ञ, मंत्रोच्चारण, योग, ध्यान एवं कर्मकांड का सफलतापूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही पितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर जेल में परिरुद्ध-निरुद्ध बंदियों को अपने पूर्वजों का तर्पण एवं पिंडदान विधि संपन्न करवाई गई।

उक्त तर्पण कार्यक्रम में लगभग 120 बंदियों द्वारा अपने पूर्वजों का तर्पण एवं पिंडदान किया गया।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

उज्जैन के केंद्रीय जेल में बंदियों द्वारा पितरों का श्राद्ध-तर्पण एक स्मरण दिलाता है कि जीवन के हर चरण में शांति और आत्म-परिष्कार की आवश्यकता है। यदि किसी को संघर्ष या अपराध का सामना करना पड़े, तो अहिंसक संवाद, क़ानूनी सहायता और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से समाधान खोजें। समाज को यह संदेश देना चाहिए कि पुनर्वास और सकारात्मक परिवर्तन संभव है, और हर व्यक्ति को अपने कर्मों की जिम्मेदारी उठाते हुए बेहतर भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।