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उज्जैन - महात्मा गांधी जयंती पर शहर में कला और देशप्रेम का अनूठा संगम देखने को मिला

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उज्जैन - महात्मा गांधी जयंती पर शहर में कला और देशप्रेम का अनूठा संगम देखने को मिला

अनाज-दालों से बनाई गांधीजी की अनूठी पोट्रेट

डेढ़ किलो धान्य से उकेरी गांधीजी की छवि

महात्मा गांधी जयंती पर शहर में कला और देशप्रेम का अनूठा संगम देखने को मिला। शिप्रा विहार निवासी और पंजाब नेशनल बैंक में स्पेशल असिस्टेंट रवि अकोदिया ने अनाज और दालों से गांधीजी की पोट्रेट तैयार की। करीब डेढ़ किलोग्राम धान्य-दालों से बनी यह कलाकृति 2 बाय 18 फीट के कैनवास पर तैयार की गई है।

इसमें चावल, गेहूं, राई, मेथीदाना, काले तिल, तुअर और मूंग दाल का इस्तेमाल किया गया। रवि अकोदिया ने बताया कि कम बारिश के कारण अनाज के महत्व को दर्शाने के लिए उन्होंने यह कलाकृति बनाई। बैंक की व्यस्त दिनचर्या के बीच उन्होंने इसे करीब चार घंटे में पूरा किया। रवि वर्ष 2011 से गांधी जयंती पर अलग-अलग माध्यमों से गांधीजी की पोट्रेट बनाकर श्रद्धांजलि देते आ रहे हैं।

बाइट — रवि अकोदिया बाइट — स्वाति अकोदिया, पत्नी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।