उज्जैन- महिदपुर में दूध एवं दुग्ध उत्पादों के नमूने लिए, संदिग्ध सामग्री जप्त
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
इसी क्रम में विभाग द्वारा मिल्क रैपिड टेस्टिंग अभियान शुरू किया गया है। रैपिड किट की सहायता से दूध की प्राथमिक जांच मौके पर ही तत्काल की जाती है। किट में उपलब्ध विशेष पेपर को दूध के नमूने में डुबोया जाता है। दूध में मौजूद मिलावट के अनुसार पेपर का रंग बदलता है, जिससे यह तुरंत पता चल जाता है कि दूध में किस प्रकार की मिलावट है।
इस किट से स्टार्च, शक्कर, नमक, न्यूट्रलाइजर एवं माल्टोडेक्सट्रिन आदि की मिलावट का पता लगाया जा सकता है। प्राथमिक जांच में मिलावट पाए जाने पर विभागीय दल द्वारा मौके पर इन्फॉर्मेंट नमूना संग्रहित कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाता है। प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने पर संबंधित खाद्य कारोबारी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
भागीरथ मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, नारायणा रोड, महिदपुर से स्किम्ड मिल्क एवं क्रीम का नमूना। कृष्णा दूध भण्डार, ग्राम सगवाली, तहसील महिदपुर से पनीर, घी एवं क्रीम के नमूने। राजा फूड्स, इंडस्ट्रियल एस्टेट, महिदपुर से घी, बटर एवं मिक्स मिल्क के नमूने लिए गए।
इसके अतिरिक्त कृष्णा दूध भण्डार, ग्राम सगवाली, तहसील महिदपुर में अवमानक होने के संदेह के आधार पर 94.5 किलोग्राम पनीर, 50 किलोग्राम घी एवं 40 किलोग्राम क्रीम जप्त की गई। उपरोक्त सभी नमूने जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन आमजन से अपील करता है कि वे केवल वैध लाइसेंस अथवा पंजीयन वाले प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री क्रय करें तथा किसी भी संदिग्ध मिलावट या अमानक सामग्री की शिकायत संबंधित विभाग को तुरंत करें।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट को तुरंत पहचानने के लिए उज्जैन- महिदपुर में मिल्क रैपिड टेस्टिंग अभियान चलाया गया है। इस कार्यक्रम के तहत रैपिड किट का उपयोग करके मौके पर ही दूध के नमूनों की प्राथमिक जांच की जाती है, जिससे स्टार्च, शक्कर, नमक, न्यूट्रलाइजर और माल्टोडेक्सट्रिन जैसी मिलावट का पता चलता है। यह कदम खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। यदि मिलावट का पता चलता है तो जप्ति और जांच के माध्यम से दोषियों को रोका जा सकता है, जिससे जनता को साफ