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उज्जैन- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने डिलेवरी संस्थाओं के स्टाफ को दिया प्रशिक्षण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उज्जैन- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने डिलेवरी संस्थाओं के स्टाफ को दिया प्रशिक्षण

इसी क्रम में जिले की समस्त डिलेवरी संस्थाओं में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर एवं नर्सिंग स्टाफ के लिए कल एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रसव के दौरान एवं प्रसव उपरांत माताओं तथा नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।

प्रशिक्षण में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता शर्मा एवं डॉ. अनीता मिलवार तथा जिला चिकित्सालय, उज्जैन के शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा मेडिकल ऑफिसर एवं नर्सिंग स्टाफ को आवश्यक चिकित्सकीय जानकारी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रसव पूर्व एवं प्रसव के समय जोखिम की पहचान, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का प्रबंधन, प्रसव संबंधी जटिलताओं की समय पर पहचान एवं आवश्यकतानुसार रेफरल, प्रसव उपरांत देखभाल तथा नवजात शिशु की प्रारंभिक देखभाल सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि डिलेवरी संस्थाओं में कार्यरत स्टाफ की दक्षता बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त मेडिकल ऑफिसर एवं नर्सिंग स्टाफ द्वारा अपने-अपने संस्थानों में प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी एवं कौशल का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपयोग किया जाएगा।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान एवं पंजीयन, नियमित प्रसवपूर्व जांच, हाई रिस्क गर्भावस्था का चिन्हांकन, सुरक्षित संस्थागत प्रसव तथा प्रसव के बाद मां एवं नवजात की समुचित देखभाल अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिले में इन सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण एवं मॉनिटरिंग की जा रही है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।