उज्जैन- पोषण आहार माह के अंतर्गत जिला चिकित्सालय में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित
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इस दौरान 1 सितम्बर 2026 को जिला चिकित्सालय उज्जैन में जागरूकता गतिविधियों, स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम एवं समूह चर्चा के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण के महत्व की जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि पोषण आहार माह का प्रमुख उद्देश्य लोगों में विभिन्न आहार एवं पोषण संबंधी समस्याओं की पहचान कर उनका उचित समाधान एवं नियंत्रण करना तथा स्वस्थ खान-पान की आदतों को विकसित करना है।
अभियान के दौरान लोगों को विभिन्न खाद्य पदार्थों के पोषक तत्वों की जानकारी देने के साथ-साथ पर्याप्त शारीरिक गतिविधि एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संतुलित पोषण आहार एवं नियमित शारीरिक सक्रियता उत्तम स्वास्थ्य की आधारशिला है।
आहार में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होने से शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से विभिन्न बीमारियों की संभावना बढ़ सकती है।
बेहतर पोषण का शिशु, बाल एवं मातृ स्वास्थ्य, मजबूत प्रतिरक्षण प्रणाली, सुरक्षित गर्भावस्था एवं प्रसव तथा गैर-संचारी रोगों जैसे मधुमेह एवं हृदय रोग के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान है।
डॉ. पटेल ने बताया कि असंतुलित आहार लेने तथा पोषक तत्वों की अधिक या कम मात्रा में सेवन करने से कुपोषण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप कम वजन, अधिक वजन एवं मोटापा जैसी समस्याएं होने के साथ-साथ मधुमेह, हृदय रोग एवं अन्य गैर-संचारी रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
वहीं पर्याप्त पोषण नहीं मिलने पर बच्चों में शारीरिक विकास प्रभावित होना, वजन कम होना तथा बीमारी से स्वस्थ होने में अधिक समय लगना जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।