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उज्जैन- सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सजा रहीं ‘आशीर्वाद के दीये’

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उज्जैन- सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सजा रहीं ‘आशीर्वाद के दीये’

कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम के अंतर्गत 17 सितंबर की शाम 7 बजे जिले के प्रमुख घाटों एवं महाकाल लोक में 25 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। दीपोत्सव के इस भव्य आयोजन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं ।दीपोत्सव के लिए सात प्रमुख सेक्टर निर्धारित किए गए हैं। इनमें केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, दत्त अखाड़ा, भूखी माता, महाकाल लोक तथा रामघाट के दो सेक्टर शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में दीप सजाने एवं प्रज्ज्वलन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

25 लाख दीपों के सामूहिक प्रज्ज्वलन के इस भव्य आयोजन में जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को विभिन्न विभागों के मैदानी अमले के साथ समन्वय एवं सहयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने विभागीय दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम की तैयारियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रही हैं।कार्तिक मेला ग्राउंड में कार्यकर्ता दीपों को व्यवस्थित रूप से सजाने सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पूरा करने में जुटी हुई हैं। सेवा संकल्प अभियान के इस पुण्य एवं जनभागीदारी से जुड़े आयोजन को लेकर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।

‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम का आयोजन जिला मुख्यालय के साथ-साथ जिले के सभी जनपदों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, ग्रामों एवं वार्डों में स्थानीय स्तर पर भी किया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों एवं मैदानी अमले को आवश्यक समन्वय और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

उज्जैन में ‘आशीर्वाद के दीये’ दीपोत्सव, उज्जैन-सेवा संकल्प अभियान के तहत, 17 सितंबर को प्रमुख घाटों और महाकाल लोक में 25 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना को दर्शाता है और समाज में एकजुटता तथा सांस्कृतिक परंपरा को बढ़ावा देता है। इस प्रकार के बड़े पैमाने पर दीपोत्सव से जिले की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है और पर्यटन में वृद्धि होती है। आम जनता के लिए यह उत्सव सामुदायिक गर्व, धार्मिक आस्था और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि का कारण बन सकता ह

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।