भोपाल

उज्जैन की शाही मस्जिद को निशाना बनाया जाना अफसोसनाक: हाजी मोहम्मद हारून

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
उज्जैन की शाही मस्जिद को निशाना बनाया जाना अफसोसनाक: हाजी मोहम्मद हारून

जमीयत उलमा मध्य प्रदेश ने प्रशासन से मुकदमे वापस लेकर बेगुनाहों की रिहाई की मांग की

भोपाल। जमीयत उलमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने 1 अक्टूबर 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में वक्फ बोर्ड के गठन, मस्जिदों के संरक्षण और उज्जैन की हालिया घटनाओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने उज्जैन की शाही मस्जिद को लेकर हुई कार्रवाई को अफसोसनाक बताते हुए प्रशासन से दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर बेगुनाह लोगों को तत्काल रिहा करने की मांग की।

वक्फ बोर्ड को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त करने की मांग

हाजी मोहम्मद हारून ने कहा कि सरकारों के प्रभाव में गठित होते आए वक्फ बोर्डों के कारण वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने मांग की कि वक्फ बोर्ड को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त कर सिख समाज की गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की तर्ज पर गठित किया जाए, ताकि वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण का कार्य स्वतंत्र रूप से हो सके।

मस्जिदों के संरक्षण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने की मांग

उज्जैन की शाही मस्जिद और उसके कुछ हिस्सों को तोड़े जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि देश में मंदिरों और मस्जिदों को सुरक्षित रखते हुए रास्ते और विकास कार्य किए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि रास्तों के विस्तार और कॉरिडोर के नाम पर मस्जिदों को हटाने से पहले उपलब्ध वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जाना चाहिए।

तकिया मस्जिद का भी किया उल्लेख

हाजी मोहम्मद हारून ने उज्जैन की तकिया मस्जिद का उल्लेख करते हुए कहा कि उसे महाकाल मंदिर की पार्किंग के नाम पर तोड़ा गया। उनका कहना था कि यदि पार्किंग की आवश्यकता थी तो बहुमंजिला पार्किंग सहित अन्य विकल्पों पर विचार किया जा सकता था।

शाही मस्जिद के सामने की संपत्ति के विकल्प पर भी रखी बात

उन्होंने कहा कि शाही मस्जिद के सामने स्थित संदल वाली इमारत को रास्ता चौड़ा करने के लिए अधिग्रहित किया जा सकता था और संबंधित संपत्ति मालिक को उचित मुआवजा दिया जा सकता था। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मुस्लिम समाज भी संपत्ति के मालिक को भुगतान करने के लिए तैयार था, लेकिन प्रशासन ने इस विकल्प को नहीं अपनाया।

मुकदमे वापस लेकर बेगुनाहों को रिहा करने की मांग

जमीयत उलमा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध करने वाले नागरिकों के साथ मारपीट की गई और उचित जांच के बिना बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जांच और कार्रवाई तथा दर्ज मुकदमों को वापस लेकर बेगुनाह लोगों की तत्काल रिहाई की मांग की।

अन्य मस्जिदों को लेकर भी जताई चिंता

उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार उज्जैन में अन्य मस्जिदों की सूची भी प्रशासन के पास है, जिन्हें कॉरिडोर और अन्य आवश्यकताओं के नाम पर हटाने की योजना है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से ऐसी किसी भी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और विकास कार्यों के लिए वैकल्पिक उपाय अपनाने की मांग की।

S
Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।