उज्जैन के सिद्धार्थ भागचंदानी ने बनाया 111 मीटर लंबा मांडना
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उज्जैन के युवा कलाकार सिद्धार्थ भागचंदानी ने मालवा की पारंपरिक लोककला मांडना को वैश्विक पहचान दिलाई है। सिद्धार्थ ने शिप्रा नदी के किनारे राणोजी की छतरी पर 111 मीटर लंबी और पांच फीट चौड़ी मांडना कलाकृति 32 घंटे में तैयार की। इसके लिए उन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में तीन श्रेणियों में स्थान मिला है।
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और जिला प्रशासन के सहयोग से तैयार इस कलाकृति की शुरुआत शनिवार सुबह नौ बजे हुई, जो रविवार शाम तक पूरी हुई। इसमें शिव बारात की थीम पर शिवगण, देवगण, दैत्य, दानव और मानव की आकृतियां उकेरी गई हैं। सिद्धार्थ का उद्देश्य मालवा की पारंपरिक कला को देश-दुनिया तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
बाइट - सिद्धार्थ भगचंदानी, युवा कलाकार बाइट - अमरीश विष्नोई, वर्ल्ड रिकार्ड टीम के अधिकारी
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उज्जैन के सिद्धार्थ भागचंदानी ने बनाया 111 मीटर लंबा मांडना
32 घंटे में तैयार की मालवा की पारंपरिक लोककलाकृति
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में तीन श्रेणियों में दर्ज उपलब्धि
शिव बारात की थीम पर उकेरी गई मांडना की भव्य कलाकृति