यूपीः जालौन में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 1102 किलो ड्रग्स-केमिकल जब्त
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यूपी के जालौन में अवैध ड्रग्स बनाने वाली एक बड़ी फैक्ट्री का खुलासा हुआ है... इस कार्रवाई में 1102 किलो से ज्यादा ड्रग्स और केमिकल जब्त किए गए हैं... जिनकी अनुमानित कीमत 200 करोड़ से 300 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है... मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है... देखिए ये रिपोर्ट।
प्रदेश/पैकेज - जालौन में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 1102 किलो ड्रग्स-केमिकल जब्त
TOP जालौन के गांव में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री पर DRI और UP ATS का बड़ा एक्शन
यूपी में नशे के काले कारोबार पर चोट... 1102 किलो ड्रग्स और केमिकल जब्त
गुप्त लैब में तैयार हो रहा था सिंथेटिक ड्रग्स
SLUG जालौन के एरी रामपुरा गांव में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़
DRI और UP ATS की संयुक्त टीम ने मारा छापा
29 अक्टूबर की सुबह खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया ऑपरेशन
गांव में गुप्त तरीके से चलाई जा रही थी सिंथेटिक ड्रग्स बनाने की लैब
छापेमारी में कुल 1102.88 किलो ड्रग्स और केमिकल जब्त
15.44 किलो तैयार मेफेड्रोन और करीब 184 किलो अर्धनिर्मित ड्रग्स बरामद
अलग-अलग ठिकानों से 582 किलो से ज्यादा कच्चे केमिकल जब्त
ड्रग्स बनाने वाली मशीनें और निर्माण उपकरण भी मिले
इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है
महाराष्ट्र के संतोष और जालौन के हेमेंद्र को किया गया गिरफ्तार
इंटरस्टेट ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मास्टरमाइंड की तलाश जारी
VISUAL - https://x.com/FinMinIndia/status/2116045923457634789?s=20
https://x.com/airnewsalerts/status/2116060909185683902?a=PzQqbhsUCPc_lNfOyP8&s=20
https://x.com/ANI/status/2116068630358094040?a=O_QEXouLIxTqmY3uvaM&s=20
https://x.com/thetatvaindia/status/2116100295923265913?a=U96EnorV5RYbHPDHnWU&s=20
https://www.pib.gov.in/PressReleaseDetail.aspx?PRID=2330365®=48&lang=2
वीओ - उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में अवैध ड्रग्स बनाने वाली एक बड़ी फैक्ट्री का खुलासा हुआ है... DRI और यूपी ATS की संयुक्त टीम ने उरई तहसील के एरी रामपुरा गांव में छापेमारी कर सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली एक गुप्त लैब का भंडाफोड़ किया है... इस कार्रवाई में 1102 किलो से ज्यादा ड्रग्स और केमिकल जब्त किए गए हैं...
इसके अलावा ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और मशीनें भी बरामद की गई हैं... पुलिस और जांच एजेंसियों ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है... वहीं, शुरुआती जांच में इस अवैध फैक्ट्री के तार एक बड़े इंटरस्टेट ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है... तो आखिर इस गुप्त फैक्ट्री में किस तरह नशे का कारोबार चल रहा था और इस कार्रवाई में क्या-क्या बरामद हुआ...
आइए जानते हैं -
GRAPHICS IN -
हेडर - जालौन में ड्रग्स फैक्ट्री पर बड़ा एक्शन!
- (डीआरआई और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने) गुरुवार तड़के एक सुदूर गांव में छापा मारकर मेफेड्रोन बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया
- (कार्रवाई में) कुल 1102.88 किलोग्राम ड्रग्स और रसायन जब्त किए गए हैं
- (अधिकारियों ने छापे के दौरान) 15.44 किलो तैयार मेफेड्रोन, 184 किलो अर्ध-निर्मित ड्रग्स
- (और) 582 किलो से ज़्यादा प्रीकर्सर केमिकल समेत भारी मात्रा में ड्रग बनाने के उपकरण ज़ब्त किए हैं
- ज़ब्त किए गए नशीले पदार्थों और केमिकल्स की अनुमानित कीमत 200 करोड़ से 300 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है
- (वहीं) इस गुप्त निर्माण इकाई से जुड़े दो लोगों को एनडीपीएस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है
- ये दोनों मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद रहने के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे
- (जिसके बाद) इन्होंने गाँव में यह नेटवर्क सेटअप किया
- यह अवैध लैब बेहद घनी और दूर-दराज के ग्रामीण इलाके में एक खेत के भीतर छिपाई गई थी
- (जहां) हर 3 दिन में करीब 20 किलो तक सिंथेटिक ड्रग्स तैयार कर बाहर सप्लाई की जा रही थी
GRAPHICS OUT -
वीओ - इस कार्रवाई को देश में अवैध सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है... दरअसल, किसी भी ड्रग्स नेटवर्क को चलाने के लिए सिर्फ तैयार नशीले पदार्थ ही नहीं, बल्कि कच्चे केमिकल और निर्माण उपकरणों की भी जरूरत होती है... ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स, अर्धनिर्मित सामग्री और केमिकल की बरामदगी से इस नेटवर्क की क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है...
जांच एजेंसियों को शक है कि यह फैक्ट्री एक बड़े इंटरस्टेट ड्रग नेटवर्क का हिस्सा थी... अब DRI और यूपी ATS गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि यहां तैयार होने वाला नशा किन राज्यों और शहरों में सप्लाई किया जाता था... इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग हैं और इसका मास्टरमाइंड कौन है...
इसकी भी पड़ताल की जा रही है... एजेंसियों का मकसद सिर्फ इस फैक्ट्री को बंद करना नहीं, बल्कि इसके जरिए चल रही पूरी सप्लाई चेन को तोड़ना है... ताकि नशे के इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके...